वाराणसी: नागरिक संशोधन बिल को लेकर यूथ कांग्रेस ने की राष्ट्रपति से यह मांग

वाराणसी(रणभेरी): नागरिक संशोधन विधेयक में मुस्लिम समुदाय को भी शामिल करने का मांग पत्र महामहिम राष्ट्रपति को जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस, अल्पसंख्यक कांग्रेस, एनएसयूआई की ओर से दिया गया। बुधवार को एनएसयूआई के सदस्यों का एक प्रतिनिधि मंडल राष्ट्रपति के नाम से लिखा मांग पत्र जिलाधिकरी के माध्यम से देने के लिए जिलाधिकारी कार्यायलय पहुंचे लेकिन जिलाधिकारी के अनुपस्थिति में एडीएम सिटी कोि ज्ञापन पत्र सौंपा।

पत्र में राष्ट्रपति से मांग की गयी है कि नागरिकता संशोधन विधेयक में भारत के संविधान की मूल भावना धर्मनिरपेक्षता समानता है। इसके विपरीत मुस्लिम समुदाय को इसमें शामिल नहीं किया गया है। जबकि माननीय गृह मंत्री ने संसद में बयान दिया है कि जिन लोगो को धर्म के आधार पर भेदभाव व सताये जाने कि वहज से अपने देश से पलायन करना पड़ा है और भारत में शरणार्थी हुए है, उन्हे भारत की नागरिकता दी जाएगी। जबकि पकिस्तान में सिया मुस्लिमों, बंगाली मुस्लिमों से भेदभाव व सताया गया म्यांमार मुसलमानों को हिंसा पूर्वक निकाला गया, जिससे वे लोग भारत में शरणार्थी हुए।

माननीय गृहमंत्री के संसद में दिये गये बयान के अनुसार पीड़ित लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी, तो मुस्लिम समुदाय को भी इसमें शामिल करके भारत के संविधान की रक्षा करें। प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप से हिफाजत हुसैन आलम, डॉ. सन्तोष उपाध्याय, तैफिक कुरैशी, मो0 आदिल, असिफ इकबाल कुरैशी, इम्तियाज अहमद, मनीष गुप्ता,आशीष रावत, आशिष गुप्ता, दानिस साहब सहित काफी संख्या में एनएसयूआई के कार्यकर्ता शामिल थे।