महिला का सिपाही को सरेआम थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल

महिला का सिपाही को सरेआम थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल

वाराणसी (रणभेरी): भारतीय जनता पार्टी के नेता-कार्यकर्ता सत्ता के मद में इतने चूर हो गए हैं कि उन्हें नियम-कानून का डर नहीं रह गया है। भारतीय जनता युवा मोर्चा की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष और हरिश्चन्द्र पीजी कॉलेज छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष खुशबू सिंह द्वारा एक सिपाही की पिटाई करने का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वॉयरल हो रहा है। पूर्व आईजी व सोशल एक्टिविस्ट अभिताभ ठाकुर द्वारा ट्वीट किए जाने के बाद रोहनिया पुलिस हरकत में आई और आरोपी नेत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, खुशबू सिंह ने पहले सिपाही पर अभद्रता का आरोप लगाया है। उनके सहपाठी प्रदीप सिंह की तहरीर पर सिपाही अनुज कुमार, सुभाष यादव व जितेन्द्र कुमार शुक्ला पर भी एफआईआर दर्ज की गई है। उधर, भाजपा नेत्री की हरकत पर विपक्ष ने निशाना साधा है। पूर्व मंत्री व विधायक अजय राय ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। 

पांच अप्रैल (सोमवार) की रात में भारतीय जनता युवा मोर्चा उपाध्यक्ष खुशबू सिंह द्वारा एक पुलिसकर्मी पर हाथ छोड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल होने के बाद इस मामले में आज पूर्व आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर द्वारा ट्वीट किये जाने के बाद रोहनिया पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। अमिताभ ने ट्वीट कर कहा था कि सत्ता बल पर थाना परिसर में इस प्रकार की दबंगई अत्यंत विस्मयकारी तथा कष्टप्रद है। अत: उन्होंने तत्काल संज्ञान लेने तथा समुचित विधिक कार्रवाई करने की मांग की थी। इस पर वाराणसी ग्रामीण पुलिस ने उन्हें अवगत कराया है कि उक्त प्रकरण में थाना रोहनिया पुलिस द्वारा सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत करते हुए विवेचनात्मक कार्यवाही की जा रही है।

इस वीडियो के सामने आते ही कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत अन्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी पर हमलावर हो गए हैं। विपक्षी नेताओं ने इसे जंगलराज की संज्ञा दी है। इस संबंध में रोहनिया थाना प्रभारी ने बताया कि पांच अप्रैल को अखरी क्षेत्र में हाईवे पर वाणिज्य कर विभाग के अधिकारी के साथ चेकिंग कर रहे दो सिपाहियों और दो लोगों की मारपीट हुई थी। एक पक्ष का कहना था कि सिपाही अवैध वसूली कर रहे थे। वहीं सिपाहियों का कहना था कि वह वाणिज्य कर विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर के साथ रूटीन चेकिंग कर रहे थे। घटना के संबंध में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों पक्षों द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे की विवेचना की जा रही है।

पुलिसवालों ने मेरे सहपाठी को नेशनल हाइवे पर जमकर पीटा। जब मैंने इस संदर्भ में पूछने गया तो पुलिसवाले ने मुझे मैनेज करने का दवाब बनाने लगे। जब मैं नहीं मानी तो वो मेरे साथ गाली गलौज व अभद्रता पर उतर आए साथ ही मुझे धमकी देने के लगे कि तुम्हारे  जैसे बहुतों थाने में आते जाते है। जब पुलिसवालों ने अभद्रता की सीमा पार कर दी, तब मैंने अपने बचाव में थप्पड़ चलाया।
खुशबू सिंह, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, भाजयुमो 

सिपाही ने पहले महिला नेत्री से अभद्रता की है। उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। खुशबू सिंह द्वारा सिपाही को पीटने का पूरी तरह से आरोप गलत है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से अनियंत्रित हो चुकी है। प्रतापगढ़ में भाजपा के विधायक आरोप लगा रहे है कि मुझे एसपी ने मारा, रोहनिया में बीजेपी नेत्री पुलिस को मार रही है, आखिर प्रदेश में ये हो क्या रहा है? स्थितियां पूरी तरह से भयावह हो चुकी है। प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने में पूरी तरह से विफल है।

सत्ता में रहने का मतलब ये नहीं होता कि आप स्वयं कानून को अपने हाथ में लें। जनता की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी पर थप्पड़ चलाना निंदनीय है। सत्ता से जुड़े लोगों का मन बढ़ गया है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।