इकॉनमी को बूस्ट करने को सरकार के कई बड़े कदम

इकॉनमी को बूस्ट करने को सरकार के कई बड़े कदम

(रणभेरी): वित्त  मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई बड़े ऐलान किए।साथ उन्होंने 8 राहत उपायों का ऐलान करने की बात कही। इसमें हेल्थ सेक्टर के लिए ₹50,000 करोड़ जबकि मेडिकल इंफ्रा में सुधार के लिए सहायता दी जाएगी। वहीं जनस्‍वास्‍थ्‍य (Public health) पर एक साल में 23,220 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें खासकर बच्‍चों और पेडियाट्रिक केयर पर फोकस रहेगा। जबकि Tourism Sector को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा बूस्‍टर प्‍लान किया है। इसमें टूरिज्‍म क्षेत्र से जुड़े लोगों को कई तरह की रियायत दी जा रही है। उन्‍होंने कहा कि गरीब कल्याण योजना पर ₹93,869 करोड़ का खर्च आएगा। 

  • -हेल्थ सेक्टर से जुड़ा है एक राहत पैकेज दिया जा रहा है। इस पैकेज के मेडिकल सेक्टर को लोन गारंटी दी जाएगी। हेल्थ सेक्टर के लिए 50 हजार करोड़ रुपए वअन्य सेक्टर्स के लिए 60 हजार करोड़ रुपए। इसके तहत 100 करोड़ तक का लोन 7.95 फीसद ब्याज पर दिया जाएगा, वहीं अन्य सेक्टर्स के लिए ब्याज 8.25% से ज्यादा नहीं होगी।
  • -क्रेडिट गारंटी स्कीम के तहत छोटे कारोबारी, इंडिविजुअल एनबीएफसी माइक्रो फाइनेंस इंस्टीट्यूट से 1.25 लाख तक का लोन ले सकेंगे।इसका मुख्य मकसद नए लोन को वितरण करना है। इस पर बैंक के एमसीएलआर पर अधिकतम 2% जोड़कर ब्याज लिया जा सकेगा। इस लोन की अवधि 3 साल होगी और सरकार गारंटी देगी।इस स्कीम का लाभ करीब 25 लाख लोगों को मिलेगा। 89 दिन के डिफॉल्टर समेत सभी प्रकार के उधार लेने वाले इसके लिए योग्य होंगे।
  • -कोविड महामारी से प्रभावित रजिस्टर्ड टूरिस्ट गाइड और ट्रेवल टूरिज्म स्टेकहोल्डर्स को सरकार वित्तीय मदद देगी। इसमें लाइसेंधारी टूरिस्ट गाइड को 1 लाख रुपए और टूरिस्ट एजेंसी को 10 लाख रुपए का लोन दिया जाएगा। इस लोन को 100% गारंटी दी जाएगी। इस लोन पर कोई प्रोसेसिंग चार्ज नहीं होगा।
  • -कोरोना की मार से टूट चुके टूरिज्म सेक्टर के लिए वित्त मंत्री ने राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मोदी सरकार पहले 5 लाख विदेशी टूरिस्ट वीजा मुफ्त जारी करेगी। यह स्कीम 31 मार्च 2022 तक लागू रहेगी। इस स्कीम के तहत 100 करोड़ रुपए की वित्ती सहायता दी जाएगी। एक टूरिस्ट को केवल एक बार स्कीम का लाभ मिलेगा। विदेशी टूरिस्टों को वीजा की अनुमति मिलते ही इस स्कीम का लाभ मिलेगा। करीब 1.93 करोड़ विदेशी टूरिस्ट 2019 में भारत आए थे।
  • -कोरोना की पहली लहर की वजह से देश में लगे संपूर्ण लॉकडाउन से आम आदमी से लेकर बड़े कारोबारी तक की आर्थिक स्थति डांवाडोल हो गई थी। राहत के लिए पिछले साल अक्टूबर में आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना लॉन्च की गई थी। अब इस आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना का विस्तार किया जा रहा है। पीसी में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि अब इस स्कीम को बढ़ाकर 31 मार्च 2022 तक किया जा रहा है। इस स्कीम के तहत अब तक करीब 21.42 लाख लाभार्थियों के लिए 902 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। बता दें इस स्कीम के तहत सरकार 15 हजार से कम वेतन वाले कर्मचारियों और कंपनियों के पीएफ का भुगतान करती है। इसके तहत सरकार कर्मचारी-कंपनी का 12%-12% पीएफ का भुगतान करती है। सरकार ने इस स्कीम में 22,810 करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा है, जिससे करीब 58.50 लाख लोगों को लाभ मिलेगा।
  • -इसके तहत देश के किसानों को 14,775 करोड़ रुपए की अतिरिक्त सब्सिडी दी गई है। इसमें 9125 करोड़ रुपये की सब्सिडी केवल डीएपी पर दी गई है। वहीं, 5650 करोड़ रुपए की सब्सिडी एनपीके पर दी गई है। रबी सीजन 2020-21 में 432.48 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदारी की गई है। जबकि, अब तक किसानों को 85,413 करोड़ रुपए सीधे दिए गए हैं।
  • -पिछले 26 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की घोषणा की गई थी। इसके तहत कोविड से प्रभावित गरीबों की मदद मुफ्त अनाज दिया जाता है। शुरुआत में इस स्कीम का लाभ अप्रैल से जून 2020 के दौरान मिला था। इसके बाद इसे बढ़ाकर नवंबर 2020 तक लागू कर दिया था। वहीं कोरोना की दूसरी लहर आई तो मई 2021 में इस स्कीम को फिर से लॉन्च किया गया। इस स्कीम के तहत करीब 80 करोड़ लोगों को 5 किलो अनाज नवंबर 2021 तक मुफ्त दिया जाएगा। 2020-21 में इस स्कीम पर 1,33,972 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इस स्कीम पर इस साल करीब 93,869 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पिछले साल और इस साल मिलाकर इस स्कीम पर करीब 2,27,841 करोड़ रुपए खर्च होंगे। बता दें कृषि से संबंधी सब्सिडी और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना पुरानी योजनाएं हैं।