अतिक्रमण के झाम से रोज लगता लंका पर जाम

अतिक्रमण के झाम से रोज लगता लंका पर जाम
  • जिम्मेदार बेपरवाह, आधी सड़क पर रहता है वाहनों और ठेलों और अवैध आटो स्टैंड का कब्जा
  • रेंगती रह जाती है एम्बुलेंस, अतिक्रमण हटाने के नाम पर होती है खानापूर्ति

वाराणसी (रणभेरी): लंका क्षेत्र में हर दिन शाम को भीषण जाम लगता है। 500 मीटर की दूरी तय करने में घंटो लग जाते है। जाम की चपेट में ट्रामा सेंटर को जाने वाली एम्बुलेंस भी बस सायरन बजाती रह जाती है। लंका के सड़क पर अतिक्रमण का बाजार सजा है। सड़क पर ही ठेला लगता है और वाहन खड़ी होती है। जिम्मेदार बेपरवाह है। जाम छुड़ाने में ट्रैफिक पुलिस के जवानों को पसीना छूट जाता लेकिन इस जाम से निजात का कोई युक्ति नहीं निकल पा रहा है। चौराहे पर सजी अतिक्रमण और अव्यवस्था से साठ फीट की सड़क पर आम जनता को सिर्फ 20 फीट ही नसीब होती है बाकी  ठेले, आॅटो और दोपहिया वाहनों का कब्जा रहता है। शहर की लाइफ लाइन कहे जाने वाले चौराहे पर अतिक्रमण व अव्यवस्था से लोग बेहाल हैं। इस चौराहे के चारों ओर बीएचयू समेत प्रमुख अस्पताल हैं, जहां आए दिन मरीज इलाज के लिए आते हैं। लेकिन, चौराहे के तीन ओर की सड़कों पर करीब आधे से अधिक सड़क पर दिनभर ठेले, दो पहिया, आटो, ई रिक्शा और एंबुलेंस की कतार लगी रहती है।

आए दिन लंका पर जाम लगता है। विभाग अतिक्रमण हटाने के नाम पर एक दो दिन कार्रवाई कर खानापूर्ति कर लेते हैं। अधिकारियों के जाने के बाद फिर यहां अव्यवस्था और अतिक्रमण की लंका सज जाती है। बीएचयू के अंदर नो पार्किंग में वाहनों की कतार लंका चौराहे से बीएचयू के सिंह द्वार गेट के अंदर बढ़ते ही यहां दो पहिया वाहनों की लंबी कतार लगी रहती है। विवि प्रशासन द्वारा यहां नो पार्किंग का बोर्ड लगाकर खानापूर्ति कर ली गई है। यहां तैनात गार्ड भी वाहन चालकों को एक दो बार कहकर खुद को जिम्मेदारी से मुक्त कर लेते हैं। दुर्व्यवस्था का शिकार आमजन होता है, लेकिन व्यवस्था में सुधार की पहल सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह जाती है।