वाराणसी: कुत्ता काटे तो काटे, हमें कोरोना के मरीज देखे के आदेश बाटे: सीएमएस डॉ. कमल कुमार

वाराणसी: कुत्ता काटे तो काटे, हमें कोरोना के मरीज देखे के आदेश बाटे: सीएमएस डॉ. कमल कुमार

कुछ इस तरह ही कहना है लाल बहादुर चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. कमल कुमार का
चिकित्सा अधीक्षक के अनुसार कोरोना के अलावा किसी भी इमरजेंसी मरीज को नहीं देखने का है आदेश
कुत्ता काटने का इंजेक्शन देने की बात पर कहा, घर में कैसे काट सकता है कुत्ता
दो दिन से रामनगर चिकित्सालय के गेट से ही वापस लौटाए जा रहे इमरजेंसी मरीज

वाराणसी(रणभेरी): ‘सरकार का आदेश है कि रामनगर लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय ही नहीं बल्कि सभी सरकारी चिकित्सालयों में सिवाय कोरोना के किसी भी इमरजेंसी मरीज को नहीं देखा जाएगा’। यह हम नहीं बल्कि लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय, रामनगर के चिकित्सा सीएमएस डॉ. कमल कुमार का कहना है। दरअसल रामनगर चिकित्सालय के गेट को बंद कर दिया गया है, सिवाय कोरोना पीड़ित के किसी को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है चाहें कितनी भी इमरजेंसी क्यों न हो। सोमवार और मंगलवार को रामनगर चिकित्सालय के गेट से करीब 10-12 लोग वापस लौट गए जिन्हें कुत्ता, नेवला और बंदर ने काट लिया था। 

रामनगर थाने के पीछे रहने वाले शिवराज सिन्हा को सोमवार को एक नेवले ने काट लिया। वे आनन-फानन में रामनगर चिकित्सालय पहुंचे पर चिकित्सालय का गेट ही बंद था, बाहर उनके जैसे 8-10 मरीज और खड़े थे  जिन्हें बंदर और कुत्ते काटने का इंजेक्शन लगवाना था। पर उन्हे अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था। कहा गया कि केवल कोरोना के मरीजों को ही देखा जाएगा बाकि किसी को नहीं। घंटों चिकित्सालय के गेट पर खड़ा रहने के बाद शिवराज घर लौट गए।

उन्होंने बताया कि अंदर सभी डॉक्टर बैठकी लगाकर मस्ती कर रहे थे और बाहर मरीज परेशान थे। यही हाल मंगलवार को डोमरी के रामानंद पाण्डेय के साथ भी हुआ। पड़ोस के कुत्ते ने सुबह ही उनके हाथ में दांत गड़ा दी। लोगों ने कहा कि इंजेक्शन लगवा लीजिए नहीं तो रेबीज हो जाएगा। रामानंद सुबह ही रामनगर चिकित्सालय इंजेक्शन लगवाने पहुंचे पर उन्हें यह कहकर गेट से ही लौटा दिया गया कि यहां केवल कोरोना के मरीज देखें जाएंगे। बाद में रामानंद ने एक निजी चिकित्सालय में जाकर इंजेक्शन लगावाया। 

जब इस संदर्भ में हमने रामनगर चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. कमल कुमार से बात की तो उन्होंने कहा कि कोरोना के अलावा किसी को नहीं देखने का आदेश है। जब हमने कहा कि डॉक्टर साहब कुत्ता काटने से रेबीज होता है जो कोरोना से भी खतरनाक है तो चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि लोग घरों में बंद हैं भला कैसे कुत्ता काट सकता है। जरा सोचिए, जिस चिकित्सालय के अधीक्षक ऐसे वाहियात बात करते हों वहां के चिकित्सा सुविधाएं कितनी अच्छी होंगी यह तो भगवान ही जान सकता है।

शिवराज सिन्हा, निवासी, रामनगर:-

सरकारी अस्पतालों में कोरोना के अलावा और किसी इमरजेंसी मरीजों को देखने का आदेश नहीं है ऐसा जनपद वाराणसी में रामनगर स्थिति श्री लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के सीएमएस कमल कुमार जी का कहना है और मरीजों को यही कहकर भगा दिया जा रहा है। दुर्भाग्य से मैं भी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए आया था मुझे भी यही कहकर भगा दिया गया, मैंने पूछा क्या रेबीज इमरजेंसी में नहीं आता तो दूर से ही कह दिया कोरोनावायरस के अलावा कुछ भी इमरजेंसी में नहीं आता है। हमें तो लगता है कि सरकारी कर्मचारी कोई काम नहीं करना चाहते। एक आदेश मिल गया क्या। को??रोना के अलावा कोई बीमार नहीं बस कोरोना, ऐसे किसी को सर्दी खांसी नहीं आती, किसी को बुखार नहीं होगा, देश में क्या सिर्फ कोरोना का ही इलाज होगा और किसी बीमारी का इलाज आज नहीं होगा। बाकी सारी बीमारी के लोग मर जाए अस्पताल बंद क्या मतलब है।

 

कमल कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय, रामनगर:-

लाल बहादुर चिकित्सालय ही नहीं बल्कि सभी सरकारी चिकित्सालयों में कोरोना के अलावा किसी भी इमरजेंसी मरीज को देखने का आदेश नहीं है। आप पता कर लीजिए और रही बात कुत्ता काटने की तो लोग इस समय घरों में हैं तो उन्हे कैसे कुत्ता काट सकता है?

 

डॉ. वी.बी. सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, वाराणसी:- 

किसी भी अस्पताल की इमरेंसी बंद नहीं है केवल जनरल ओपीडी बंद किया गया है। अगर लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के अधीक्षक ऐसा कह रहे हैं तो ऐसा बिल्कुल गलत है। हम उनसे अभी बात करते हैं। कुत्ता काटने आदि का तो तुरंत सुई लगना चाहिए।