लॉकडाउन में शादी रचाने दुल्हन के घर पैदल ही पहुंच गया दूल्हा, दुल्हन को भी ले गया पैदल

लॉकडाउन में शादी रचाने दुल्हन के घर पैदल ही पहुंच गया दूल्हा, दुल्हन को भी ले गया पैदल

रतलाम: कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते देशभर में तीन मई तक के लिए लॉकडाउन लगा हुआ है। लॉकडाउन के अवधि में तय अधिकांश शादी समारोह टाल दिए गए। वहीं, कुछ समारोह बेहद सादगी और सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करके सम्पन्न करवाए जा रहे हैं।

ऐसी ही एक शादी मध्य प्रदेश के रतलाम के जावरा कस्बे में हुई है। शादी में दूल्हा-दुल्हन समेत सिर्फ छह लोग शामिल हुए हैं। खास बात यह है कि दूल्हा अपने घर से दुल्हन के घर पैदल ही पहुंचा और फिर शादी रचाने के बाद दोनों भी पैदल ही गए।

शादी में सिर्फ छह लोग हुए शामिल:

जानकारी के अनुसार जावरा स्थित नया मालीपुरा इलाके में सोमवार को नया मालीपुरा निवासी अजय व रागिनी की शादी हुई। शादी की सभी रस्में दोनों परिवारों ने साथ मिलकर निभाई। मगर शादी में दूल्हा-दुल्हन समेत छह लोग ही शामिल हुए।

दुल्हन को भी पैदल ही ले गए:

दुल्हन के पिता ने अपनी बेटी का कन्यादान किया और उसे दूल्हे के साथ विदा किया। दूल्हा अपने परिवार के साथ अपने घर से पैदल चलकर ही दुल्हन के घर पहुंचा था और पूरे विधि-विधान से शादी की रस्म पूरी कर दुल्हन को पैदल ही अपने घर लाया। दोनों के घरों में ज्यादा दूरी नहीं है।

छह लोगों की ही मिली थी परमिशन:

दूल्हा अजय मौर्य ने बताया कि हमारी शादी कुछ माह पहले से तय थी, मगर लॉकडाउन के चलते हमने जावरा एसडीएम से शादी की परमिशन ली और लॉकडाउन के चलते दोनों परिवारों को मिलाकर शादी में मात्र 6 लोगों को शामिल होने की इजाज़त मिली थी। साथ ही हमने पूरी शादी लॉकडाउन के नियमों के मुताबिक की है।

सादगी से करनी पड़ी शादी:

दुल्हन रागिनी रावल ने बताया कि शादी को लेकर ढेरों ख्वाब थे। सभी रिश्तेदारों, जान पहचान वालों की मौजदूगी में शादी करना चाहते थे, मगर लॉकडाउन की वजह इस तरह से शादी करनी पड़ी है। हालांकि शादी में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की पूरी पालना की है।