मधुर रस बनारस: बसन्त बहार, हर मौसम मिठास की रसधार 

मधुर रस बनारस: बसन्त बहार, हर मौसम मिठास की रसधार 

वाराणसी। दौरा-दौर सन् 1962-63 का। लहुराबीर इलाका अभी  वीरानगी के सन्नाटे से उबरने की कोषिष में। प्रकाष टॅाकीज (अब अतीत) अभी नया नया ही खुला था। इक्का-दुक्का दुकानें कतार में आ रही थीं। छोटे-मोटे बाजार का आकार सजा रही थी। उन्ही दिनों चेतगंज के रहनवार राजाराम यादव (रज्जू सरदार) नें सिनेमाघर के पास दूध-दही, मलाई-रबड़ी व लस्सी की चैकी क्या लगाई, लहुराबीर चैराहे पर खान पान के षौकीनों की भीड़ की षक्ल में मानो वहां दुनिया भर की रौनक उतर आई। रज्जू सरदार तो अब रहे नहीं मगर उनकी कृति दूध मलाई की चैकी से हटकर श्री बसन्त बहार प्रतिश्ठान के नाम से बनारसी मिठास के नए-नए प्रतिमान बना रहा है। षुद्ध देषी घी में पकी नायाब मिठाइयों की लम्बी श्रृंखला का कीर्तिमान बना रहा है। 

इस दीपावली श्री बसन्त बहार की ओर से काषीवासियों के लिए क्या होगा खास उपहार ? इस प्रश्न के उत्तर में स्व0 रज्जू सरदार की तीसरी पीढ़ी के वारिस षुभम यादव रहस्य खोलने में थोड़ा सकुचाते हैं मगर हमारे आग्रह पर अंकुरित अनाज के प्रयोग से बनाए जा रहे सोहन हलवे के नाम पर स्वीकृति की मुहर लगाते हैं। बताते हैं कि घी से तर इस नायाब आइटम के अलावा सूखी मिठाइयों में तिल, सोंठ व गोंद के लड्डूओं की विस्तृत रेन्ज उपलब्ध रहेगी। छेने की पारम्परिक मिठाइयों में राजभोग, रसमलाई, खीरकदम, छेनापायस की तूती बोलेगी। फलों के आइटम में खजूर बाइट, अंजीर बाइट व बिलकुल नए अंदाज में पेष कलोन्द का स्वाद काषीवासियों को रिझाएगा, अपने अनूठे स्वाद के दम पर मिश्ठान पे्रमियों को हमेषा के लिए याद रह जाएगा।

बताते हैं प्रतिश्ठान के स्वामी प्रकाष यादव कि डाइबिटीज के रोगियों की निराषा को छू-मन्तर करने वाली षूगर फ्री मिठाइयों की भी एक लम्बी सूची होगी। इसमें खास बात यह कि इन षुगर रहित आइटमों में बिना किसी तरह की चीनी का उपयोग किए बेहद स्वाभाविक मिठास जगाई गई है। वैसे भी श्री बसन्त बहार के घेवर व गुझिया की षहर में खासी धूम है। लगभग दस वेरायटी के बूंदी लड्डू अब भी हर आइटम को मात देते हैं। यहां के छेने वाले दहीबड़े मिठाइयों के साथ अलबेले स्वाद की कथा रचते हैं। मिठाइयों के अलावा बसन्त बहार की खस्ता कचैरियों को भी काफी पसन्द किया जाता है। प्रतिश्ठान का करारे दोसे व कटलेट से भी बड़ा पुराना नाता है।

लस्सी का पुरवा अब भी बेजोड़
श्री बसन्त बहार ने अपने संस्थापक स्व0 रज्जू सरदार की मूल थाती यानी गोरस के आइटमों की भी पहचान बनाए रखी है। लस्सी के लाजवाब स्वाद से छलकते कुल्हड़ की षक्ल में यादव कुल की आन बचाए रखी है। स्वाद के पारखी मुलायम सिंह यादव व सनी देवल जैसे अभिनेता भी बसन्त बहार की लस्सी के दीवाने हैं। जब भी बनारस आते हैं एक अड़ी यहां जरूर लगाते हैं। इस बहाने की यह दिल बेचारा कब भला माने।