Vivah Ke Shubh Muhurat 2019: इस तारिख से शुरू होगा विवाह का शुभ मुहूर्त, जानें तिथि और नक्षत्र

Vivah Ke Shubh Muhurat 2019: इस तारिख से शुरू होगा विवाह का शुभ मुहूर्त, जानें तिथि और नक्षत्र

हिन्दू धर्म में शादी को बेहद पवित्र रिश्ता माना जाता है। हमारे धर्म में शादी सिर्फ दो लोगों का बंधन नहीं बल्कि दो परिवारों का भी बंधन होता है। शादी करने से पहले उसका सही मुहूर्त और शुभ तिथि का होना बेहद महत्वपू्र्ण माना जाता है। जिसे हम शुभ लग्न के नाम से भी जानते हैं। इस साल यानी 2019 में नवंबर के महीने से एक बार फिर से विवाह का शुभ लग्न शुरू होने जा रहा है। हिन्दू धर्म में देवश्यनी एकादशी के बाद से सभी मांगलिक कार्यक्रम बंद हो जाते हैं।

मान्यता है कि इस दिन से भगवान विष्णु चार महीने की नींद में सो जाते हैं। देवोत्थान एकादशी के दिन श्री विष्णु वापिस से जागते हैं और इसी के बाद से शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्यक्रम फिर से शुरू हो जाते इस साल देवोत्थान एकादशी 8 नवंबर को पड़ रही है। बस इसी दिन से सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। नीचे हम आपको शादी के लिए शुभ तिथि और नक्षत्र बताने जा रहे हैं- 

8 नवंबर    शुक्रवार    एकादशी    उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में    12:24- 30:39 बजे तक
9 नवंबर    शनिवार    द्वादशी    उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में    06:39 - 10:14, 11:26 - 14:55 बजे तक
10 नवंबर    रविवार    त्रयोदशी    रेवती नक्षत्र में    06:40 - 16:30 बजे तक
11 नवंबर    सोमवार    चतुर्दशी    अश्विनी नक्षत्र में    06:41 - 10:48 बजे तक
13 नवंबर    बुधवार    प्रतिपदा    रोहिणी नक्षत्र में    22:00 - 30:43 बजे तक
14 नवंबर    गुरुवार    द्वितीया    रोहिणी नक्षत्र में    06: 43 - 25:11 बजे तक
19 नवंबर    मंगलवार    सप्तमी    मघा नक्षत्र में    22:10 - 30:48 बजे तक
20 नवंबर    बुधवार    अष्टमी    मघा नक्षत्र में    06:48 - 19:17 बजे तक
21 नवंबर    गुरुवार    नवमी    उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में    18:29 - 22:17 बजे तक
22 नवंबर    शुक्रवार    दशमी    उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में    09:01 - 16:41 बजे तक
23 नवंबर    शनिवार    द्वादशी    हस्त नक्षत्र में    06:50 - 14:44 बजे तक
28 नवंबर    गुरुवार    द्वितीया    मूल नक्षत्र में    08:22 - 16:18, 18:18 - 30:55 बजे तक
29 नवंबर    शुक्रवार    तृतीया    मूल नक्षत्र में    06:55 - 07:33 बजे तक
30 नवंबर    शनिवार    चतुर्थी    उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में    18:05 - 23:14 बजे तक
1 दिसंबर    रविवार    पंचमी    श्रवण नक्षत्र में    11:29 - 30:57 बजे तक
2 दिसंबर    सोमवार    षष्ठी    श्रवण नक्षत्र में    06: 57 - 11:43 बजे तक
3 दिसंबर    मंगलवार    सप्तमी    धनिष्ठा नक्षत्र में    06:58 - 14:16 बजे तक
7 दिसंबर    शनिवार    एकादशी    रेवती नक्षत्र में    17:03 - 19:35 बजे तक
8 दिसंबर    रविवार    एकादशी    अश्विनी नक्षत्र में    08:29 - 17:15 बजे तक
10 दिसंबर    मंगलवार    त्रयोदशी    रोहिणी नक्षत्र में    29:57 - 31:04 बजे तक
11 दिसंबर    बुधवार    चतुर्दशी    रोहिणी नक्षत्र में    07:04 - 10:59, 22:54 - 31:04 बजे तक
12 दिसंबर    गुरुवार    पूर्णिमा    मृगशिरा नक्षत्र में    07:04 - 30:18 बजे तक

(सभी तारिख एस्ट्रोसेज डॉट कॉम से ली गई हैं।)

विवाह एक पवित्र बंधन है। जिसमें बहुत से विचार-विमर्श के बाद कुंडली मिलान किया जाता है। इसके बाद ही शादी का शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। इसमें ग्रहों और नक्षत्र का आदि का विश्लेषण किया जाता है।