वाराणसी: दिग्गज राजनेता सुशील सिंह रघुवंशी का निधन, सीने में हुआ था इन्फेक्शन

वाराणसी: दिग्गज राजनेता सुशील सिंह रघुवंशी का निधन, सीने में हुआ था इन्फेक्शन

वाराणसी(रणभेरी)। राजनीति में समाजवादी विचारधारा के साथ चलने वाले  लोगों के बीच वाराणसी के एक जाने पहचाने शख्सियत सुशील सिंह रघुवंशी का 4 जनवरी  की देर रात्रि उनके आवास पर आकस्मिक निधन हो गया। 1989 के रामकोला काण्ड के दौरान मुलायम सिंह यादव के समर्थन में आत्मदाह का प्रयास करने वाले 3 नवजवानों में सुशील सिंह रघुवंशी का नाम प्रमुख था। इस काण्ड के बाद से सुर्खियों में आये युवा नेता सुशील सिंह रघुवंशी ने मुलायम सिंह यादव के दिल में अपनी एक अलग पहचान बना लिया था।

रामकोला कांड में सुशील सिंह रघुवंशी के तेवर को देखते हुए उसके बाद सपानेता रामकिशन यादव के पिता एवं समाजवादी पार्टी के पुरोधा के रूप में जाने जाने वाले गंजी प्रसाद ने एक मंच से यह कहा था कि मुलायम सिंह यादव बहुत तेजी से राजनीति के क्षेत्र में आगे जा रहे थे लेकिन सुशील रघुवंशी नाम के बनारस के एक नौजवान नेता ने उन्हें अचानक से राकेट पर बिठाकर राजनीति में और आगे बढ़ाने का काम किया है। उत्तर प्रदेश में एक यादव नेता के लिए पहली बार ऐसा मौका था जब किसी ठाकुर ने आत्मदाह का प्रयास किया था। जिसके बाद 1992 में समाजवादी पार्टी के स्थापना काल के दौरान मुलायम सिंह यादव ने पत्र भेजकर सुशील रघुवंशी को लखनऊ में आयोजित स्थापना दिवस समारोह में विशेष रूप से बुलवाया था।  

समाजवादी पार्टी में छात्र राजनीति के साथ राजनीति शुरू करने वाले सुशील सिंह रघुवंशी ने अपने जीवन का 18 साल समाजवादी पार्टी के लिए समर्पित कर दिया। इस दौरान अपनी प्रतिभा व तेवर की बदौलत वह समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता के रूप में जाने जाने वाले ठाकुर अमर सिंह के बेहद करीब आ गए और चहेते बन गए। जब समाजवादी पार्टी के साथ अमर सिंह के रिश्ते में खटास आई और उन्होंने समाजवादी पार्टी से अलग होने का फैसला कर लिया, उस दौर में अमर सिंह के समर्थन में समाजवादी पार्टी का दामन छोड़ने वाले लोगों में भी सुशील सिंह रघुवंशी का नाम सबसे ऊपर आता है।

अमर सिंह ने जब राष्ट्रीय लोकमंच नाम से एक नई राजनीतिक पार्टी का गठन किया तो उस पार्टी में सुशील सिंह रघुवंशी को प्रदेश महासचिव का दायित्व सौंपा सुशील रघुवंशी ने यहां भी अमर सिंह के साथ पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ उनके संघर्षों को आगे बढ़ाने का काम किया। अमर सिंह और मुलायम सिंह के संबंधों के बीच खटास को दूर करने के लिए भी उन्होंने यथासंभव प्रयास किया।

सुशील सिंह रघुवंशी का नाम समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के लिए भी कोई अनजान नाम नहीं है। एक वक्त था जब अखिलेश यादव और सुशील सिंह रघुवंशी के बीच भी काफी मधुर रिश्ते हुआ करते थे। वक्त के साथ इस रिश्ते में कोई खटास तो नहीं हुई लेकिन अमर सिंह के साथ समर्पित होने के कारण दूरियां जरूर बनी। सुशील रघुवंशी व्यक्तित्व के धनी व्यक्तियों में जाने जाते थे यही कारण रहा है कि अमर सिंह के साथ होने के बावजूद समाजवादी पार्टी के तमाम नेताओं के साथ उनके व्यक्तिगत रिश्ते बेहद मजबूत बने रहे।

रघुवंशी की उम्र महज 46 वर्ष थी 4 जनवरी की रात हृदयाघात होने के कारण उनका निधन हुआ। उन्होंने अपने पीछे अपने 1 पुत्र एवं एक पुत्री को छोड़ा है। उनके निधन की खबर पूरे शहर में बड़ी तेजी से फैल गई जिसके बाद से उनके आवास पर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लग गया। सुशील सिंह रघुवंशी के आवास पर उनसे व्यक्तिगत ताल्लुकात रखने वाले लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के शहर के नेता भी पहुंचे। रघुवंशी का अंतिम संस्कार आज सायंकाल वाराणसी के ही मणिकर्णिका घाट पर होना सुनिश्चित हुआ है।