वाराणसी: तीन दिन से भूखे बच्चे मांग रहे थे खाना, लंका पुलिस ने बरसा दी लाठियां

वाराणसी: तीन दिन से भूखे बच्चे मांग रहे थे खाना, लंका पुलिस ने बरसा दी लाठियां

मजदूरों को राशन देने के लिए बुलाए थे एलआईयू दारोगा और ग्रामप्रधान
पीछले तीन दिनों से भूखे छोटे बच्चों को भी दौड़ा-दौड़ा कर पुलिसकर्मियों ने पीटा

वाराणसी(रणभेरी): पिछले तीन दिनों से भूखे सो रहे मजदूरों और उनके छोटे छोटे बच्चों और महिलाओं पर सीओ भेलूपुर का निर्देश बताते हुए चितईपुर पुलिस चौकी प्रभारी ने अपने मातहतो के साथ मिलकर जमकर उनके ऊपर लाठियों से कहर बरसाई। पुलिस कर्मियों के इस घिनौने कृत्य की जानकारी होते ही पूरे इलाके में पुलिस के प्रति आक्रोश का माहौल बन गया। मामला बिगड़ते देखकर चौकी प्रभारी मौके से पुलिसकर्मियों के साथ निकल गये। 

लखीमपुर खीरी के रहने वाले दर्जनों की संख्या में मजदूर आदित्यनगर स्थित तालाब की सौंदर्यीकरण करने के लिए अपने परिवार के साथ एक महीने पहले आये। इस दौरान कोरोना के प्रकोप को देखते हुए लॉकडाउन होने के कारण उनका काम बंद हो गया। इस हालत में ठेकेदार भी उनका साथ छोड़कर अपने घर चल गया। इस दौरान इन मजदूरों और उनके छोटे-छोटे बच्चों को बीते तीन दिन से भोजन नहीं मिला। मजदूरों की शिकायत पर क्षेत्रीय एलआईयू कर्मी सन्तराम, करौंदी ग्रामप्रधान प्रतिनिधि डॉक्टर देवाशीष पटेल के साथ शुक्रवार को आदित्यनगर पहुंचे। 

वहां सभी मजदूरों को बुलाकर बातचीत कर उनको कोटेदार से राशन दिलाने के लिए लेकर जा रहे थे। इस बीच चितईपुर चौकी प्रभारी अपने आधा दर्जन हमराहियों के साथ पहुंचे और सीधे सीओ साहब के आदेश का हवाला देते हुए लाठी लेकर मजदूरों के ऊपर टूट पड़े। मौके पर मौजूद सूत्रों की मानें तो चौकी प्रभारी ने एलआईयू कर्मी और प्रधानपति के ऊपर भी कई लाठी चला दी। पुलिस की लाठी पड़ते ही मजदूर और उनके पत्नी बच्चे हाथ जोड़कर बिनती करने लगे। बावजूद इसके पुलिस कर्मी तरस नहीं खाएं।