दीक्षांत समारोह: आईआईटी बीएचयू में साढ़े चार घंटे तक डिग्री बांटते रहे केंद्रीय मंत्री

दीक्षांत समारोह: आईआईटी बीएचयू में साढ़े चार घंटे तक डिग्री बांटते रहे केंद्रीय मंत्री

आईआईटी बीएचयू के आठवें दीक्षांत समारोह में मेधा के सम्मान का रेकॉर्ड कायम हुआ। इसके गवाह स्वतंत्रता भवन के सभागार परिसर में मौजूद हजारों लोग रहे। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक साढ़े चार घंटे तक मंच पर खड़े होकर मेधावियों को उपाधि देकर सम्मानित करते रहे। इससे पहले निशंक ने किसी मंच पर इतनी देर खड़े होकर मेधा का सम्मान नहीं किया था। अपने भाषण में उन्होंने जिक्र करते हुए कहा कि साढ़े चार घंटे तक मेधावियों के सम्मान के लिए खड़े होने की मेहनत का मौका महामना की तपोस्थली में मिला, इसके लिए खुद को धन्य समझता हूं।

दीक्षांत समारोह की सबसे बड़ी बात यह रही कि इसका संचालन पूरी तरह हिंदी में रहा। आईआईटी बीएचयू के आठ साल के इतिहास में यह भी अपने आप में रेकॉर्ड है। दीक्षांत समारोह में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री के साथ संस्थान के निदेशक प्रफेसर प्रमोद कुमार जैन ने मेधावियों को उपाधि, पदक और पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

छात्र-छात्राओं ने जमकर बटोरे गोल्ड मेडल
इलेक्ट्रॉनिक इंजिनियरिंग के छात्र विभोर बंसल ने सर्वाधिक 10 स्वर्ण पदक, एक रजत और तीन पुरस्कार पाकर अपनी मेधा का परचम लहराया। वहीं, केमिकल इंजिनियरिंग की छात्रा एलेश्वरपु श्रावणि को छह स्वर्ण पदक और दो पुरस्कार मिला। इसके अतिरिक्त कंप्यूटर साइंस और इंजिनियरिंग विभाग की आयुषी जैन और मकैनिकल इंजिनियरिंग विभाग के मलय सागर को चार स्वर्ण और एक पुरस्कार, इलेक्ट्रिक इंजिनियरिंग विभाग के अक्षांश चंद्रवंशी को चार स्वर्ण और दो पुरस्कार, जानपद अभियांत्रिकी विभाग के जितेंद्र को दो स्वर्ण और दो पुरस्कार, खनन अभियांत्रिकी विभाग के धनुषमन्थ येनुगु को तीन स्वर्ण, फार्मास्यूटिकल अभियांत्रिकी विभाग के देवराज गुर्जर को दो स्वर्ण और एक पुरस्कार मिला। सिविल विभाग के सक्षम जैन और यांत्रिक अभियांत्रिक विभाग के सागर श्रीवास्तव और गुलशन वर्मा को दो-दो स्वर्ण पदक मिले।