पीएम के संसदीय क्षेत्र में भूमाफियों का आतंक

स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से जबरन खाली कराने पहुंचा, जबरिया गेट को बन्द करके जड़ दिया ताला
सीपी साहब ! न्यायालय के आदेश को भी ठेंगे पर रखती है आपकी रोहनिया पुलिस
वाराणसी (रणभेरी सं.)। पीएम के संसदीय क्षेत्र में भूमाफियों का दबदबा कायम है। स्थानीय पुलिस की मिलीभगत और कारगुजारी से भूमाफियों के हौसले बुलंद है। आए दिन जबर्दस्ती जमीन पर कब्जा, खाली नहीं करने पर मारपीट, गाली- गलौज और धमकी आम बात हो गई है। विडंबना है ऐसे मामलों में पुलिस की दिलचस्पी पीड़ित को न्याय देने से ज्यादा भूमाफियाओं का साथ देने में होता है। ताजा मामला रोहनिया थाना क्षेत्र के अखरी के पास का है जहां न्यायालय में डॉ. चन्द्रशेखर वर्मा बनाम जीरा देवी के नाम से मामला विचाराधीन है। उक्त मामले में न्यायालय ने डॉ. चन्द्रशेखर वर्मा को सुनने के उपरान्त 8 फरवरी 2022 को स्टे आदेश पारित किया गया था और जीरा देवी को मना कर दिया गया कि विधि विरुद्ध तरीके से बेदखलन न किया जाए और न ही कब्जा करे। न ही उसमें स्थित डॉक्टर के द्वारा बनवाए गए बाउण्ड्रीवाल व गेट वगैरह को गिरावे व क्षतिग्रस्त करे। उपरोक्त आदेश होने के उपरान्त दोनों पक्षों की उपस्थिति में 9 अक्टूबर 2023 को दोनों पक्षों की बहस सुनकर उपरोक्त स्टे आदेश कन्फर्म कर दिया गया। साथ ही यह आदेश पारित कर दिया गया कि सम्पत्ति आराजी नं.-275 रकबा 8004 वर्गफीट स्थित मौजा अखरी, परगना कसवार राजा, तहसील सदर, जिला वाराणसी जिसे वाद-पत्र में अक्षर क, ख, ग, घ से दशार्या गया है, से वादी को विधि-विरुद्ध तरीके से बेदखल न करें तथा विवादित सम्पत्ति की बाउण्ड्रीवाल व उसमें लगाये गये आक्सिजन प्लांट, जनरेटर व एम्बुलेंस वाहन आदि को क्षतिग्रस्त न करे और न ही वादी के शान्तिपूर्ण कब्जा दखल, उपयोग व उपभोग में कोई व्यवधान उत्पन्न करें। उपरोक्त आदेश के विरुद्ध जीरा देवी ने जिला जज वाराणसी के न्यायालय में अपील दाखिल किया जो आज भी विचाराधीन है। बता दें कि डॉ. चन्द्रशेखर वर्मा उपरोक्त जमीन में किरायेदारी की तिथि से उसका उपयोग व उपभोग करते चले आ रहे हैं जिसमें हास्पिटल का जनरेटर, आक्सिजन प्लांट, एम्बुलेंस वाहन आदि रखे हुए हैं और उसके अलावा मरीज वगैरह भी आते-जाते रहते हैं और अपने वाहनों को खड़ा करते हैं और उसका उपयोग व उपभोग करते हैं। डॉ. सीएस वर्मा का आरोप है कि मंगरु नाम का व्यक्ति जिसका अवांछनीय तत्वों की एक नाजायज गोल है, ने अवैधानिक तरीके से उक्त जमीन का सट्टा करा लिया। आरोप है कि सट्टा कराने के उपरान्त उसने स्थानीय थाने को अपने रुआब में ले लिया। बीते 19 दिसंबर को रोहनिया थानाध्यक्ष एवं अखरी पुलिस चौकी इंचार्ज के साथ दोपहर लगभग 2 बजे उपरोक्त सम्पत्ति पर चढ़ आये और जबरिया लगाये गये आक्सिजन प्लांट, जनरेटर, एम्बुलेंस एवं अन्य चिकित्सा से सम्बन्धित उपकरण को जबरिया बन्द करा दिया। आरोप है कि इस दौरान उनलोगों ने डॉ. चन्द्रशेखर वर्मा को माँ-बहन की भद्दी-भद्दी गालियाँ दी और न्यायालय के आदेश का अवलोकन करके न्यायालय के आदेश को फाड़कर फेक दिया। यह बोलते हुए जबरिया गेट को बन्द करके ताला लगा दिया की न्यायालय गलत आदेश कर रही है।
आरोप है कि डॉक्टर के बताने पर की इस जमीन का उपयोग हम लोग 3 वर्ष से लगातार करते चले आ रहे हैं और हम लोग, स्टाफ एवं मरीज वगैरह इसी गेट से आते-जाते है जिसपर मंगरु यादव ने झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और विपक्षी के कहने पर चौकी इंचार्ज कई थप्पड़ मारे और जमीन खाली नहीं करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। उक्त मामले में शशि पटेल ने मुख्यमंत्री सहित पुलिस कमिश्नर वाराणसी और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है ताकि आमजनता को न्यायालय के साथ साथ पुलिस पर भी विश्वास कायम रहे।
दबंग किस्म का है दूसरा पक्ष
आरोपी मंगरु यादव दबंग किस्म का है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है की अपने दबंगई रवैए और पैसों के दम पर विवादित जमीन का सट्टा कराता है फिर जबरदस्ती पुलिस की मिलीभगत से लोगों को डरा-धमकाकर ब्लैकमेल करता है। दबंगई से कम रेट में सट्टा कराने के बाद उसे जबरदस्ती खाली करवाता है फिर किसी और दबंग किस्म के व्यक्ति को ऊंची कीमत पर बेच देता है। लोगों का कहना है कि इस तरह के मामले को लेकर रोहनिया थाने में कई बार प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन कभी भी कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व में भी यह आरोप लग चुका है कि गजाधरपुर गांव में खाद्यान्न धांधली का विरोध करने पर कोटेदार और ठेकेदार के विवाद का आडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें ठेकेदार का आरोप था कि कोटेदार ने जान से मारने की धमकी दी। गजाधरपुर निवासी राजकुमार प्रजापति के अनुसार खाद्यान्न लेने कंट्रोल पर पहुंचे तो कोटेदार ने बायोमेट्रिक के तहत अंगूठा लगवाने को कहा, जबकि 11 सितंबर को कोटेदार ने अंगूठा लगवाया था। जब इसका हवाला दिया तो कोटेदार ने कहा कि वह डिलीट हो गया। इसका विरोध किया तो कोटेदार उखड़ गया और अपशब्द कहने लगा। आरोप है कि कोटेदार ने जान से मारने की धमकी दी थी।
इस खबर के संदर्भ में एसीपी रोहनिया ने बताया कि मौके पर दोनों पक्ष आपस में विवाद कर रहे थे पुलिस को जानकारी प्राप्त होते ही, मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को समझा दिया गया है। राजस्व टीम को जानकारी भेज दी गई है। न्यायालय का जो भी आदेश आएगा उसका पालन किया जाएगा ।
संजीव कुमार शर्मा, एसीपी रोहनिया वाराणसी