तीन दोस्तों की मौत से मातम: जवान बेटा गया, मिला जिंदगी भर का गम

मेरठ। मेरठ और शामली के बीच हुए दर्दनाक हादसे में तीन दोस्तों की मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शामली से लेकर मेरठ तक परिजनों में गमगीन माहौल है। जितेंद्र और मनोज के परिजन पोस्टमार्टम हाउस में एक किनारे बैठे हुए थे। सिर पर हाथ धरे बैठे परिजनों ने बताया कि हमारा तो जवान बेटा चला गया, इससे बड़ा गम और कोई नहीं हो सकता। वह हमें जिंदगी भर का गम दे गया। छुर गांव के रहने वाले राजकुमार के घर और परिजनों में मातम पसरा हुआ था। मनोज के चाचा मांगेराम ने बताया कि वह परिवार के साथ मेरठ में रहते थे। दिल्ली पोस्ट आॅफिस में नौकरी के लिए रोजाना कार से आवागमन करते थे। परिवार में मां चंद्रो देवी, बहन अनीता, पत्नी विजेता व पुत्र यश पंवार(17) है। दूसरी तरफ गांव भनेड़ा निवासी जितेंद्र के भाई धर्मेंद्र यूपी पुलिस मेरठ में तैनात हैं। उसने बताया कि जितेंद्र अविवाहित थे। दो दिन पूर्व वे दिल्ली किसी कार्य से गए थे। वहां से लौटते समय हादसे में उनकी मौत हो गई। गांंव छुर निवासी राजकुमार बड़ौत रोडवेज डिपो में संविदाकर्मी थे। रिटायर होने के बाद वह गांव से परिवार के साथ मेरठ के सैनिक विहार कंकरखेड़ा में रह रहे थे। ग्रामीणों ने बताया कि राजकुमार के दो बेटे मनीष और अंकित व एक बेटी है। दोनों बेटे मर्चेंट नेवी में हैं। तीनों बच्चों की शादी हो चुकी है। पोस्टमार्टम के बाद रविवार को तीनों के शव अपने-अपने गांव में पहुंचे। परिजनों ने गमगीन माहौल में शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
हादसा देखकर कांप गई लोगों की रूह
रात को हुए हादसे को देखकर लोगों की रूह कांप उठी। आसपास के लोग इतने तेज हादसे को देखकर घबरा गए। जितेंद्र के रिश्तेदार पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद थे। यहां पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर प्रक्रिया पूरी करा रहे थे। इसी दौरान जितेंद्र के रिश्तेदार कपिल कुमार ने बताया कि वहां के लोगों से जब बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि हादसा काफी भीषण था। जिसको देखकर आसपास के लोग भी भयभीत हो गए। परिजन मामले की जांच की मांग भी कर रहे थे। पुलिस फिलहाल इस मामले में जांच में भी जुटी हुई है। तकनीकी टीम ने भी मौके पर पहुंचकर कार का मौका मुआयना किया।
हादसे के बाद हाईवे पर लगा जाम
नेशनल हाईवे-58 पर शोभापुर फ्लाईओवर पर सड़क हादसे के बाद भीषण जाम लग गया। इस दौरान पुल के दोनों तरफ करीब दो किमी लंबी वाहनों की कतार लग गई। घटनास्थल हादसे की कहानी बयां कर रहा था। सड़क पर टूटे हुए कांच के टुकड़े पड़े थे। गाड़ी में खून बिखरा पड़ा था। लगभग तीन घंटे तक हाइवे पर जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने किसी तरह जाम खुलवाकर वाहन चालकों को रवाना किया।