वाराणसी (रणभेरी) : वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक ऐसे संगठित साइबर गिरोह का खुलासा किया है जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए आईपीएल मैचों पर सट्टेबाजी का अवैध कारोबार चला रहा था। पुलिस ने इस मामले में कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, यह गिरोह सोशल मीडिया, टेलीग्राम चैनलों और विभिन्न वेबसाइटों के माध्यम से लोगों को जाल में फंसाता था। आरोपी फर्जी विज्ञापनों और आकर्षक कमाई के झूठे दावों के जरिए आम लोगों को सट्टेबाजी की ओर प्रेरित करते थे। इतना ही नहीं, यह नेटवर्क कथित तौर पर मशहूर यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के नाम और चेहरे का दुरुपयोग करते हुए एडिट किए गए वीडियो भी प्रसारित करता था, ताकि लोगों का भरोसा आसानी से जीता जा सके।
यह कार्रवाई 1 जून 2026 को कैंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिद्धि हाइट्स बिल्डिंग के बेसमेंट में की गई छापेमारी के दौरान सामने आई। मौके से पुलिस ने 17 टचस्क्रीन मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप, एक क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा डिजिटल वॉलेट/लेजर डिवाइस और बड़ी मात्रा में नकदी बरामद की है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए बेहद सुनियोजित तरीके से इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। आरोपियों के पास से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कई अहम डिजिटल सबूत भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और लगातार नए लोगों को जोड़कर अवैध सट्टेबाजी का दायरा बढ़ाया जा रहा था। गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व पुलिस उपायुक्त (अपराध) के निर्देशन में क्राइम ब्रांच, एसओजी और कैंट थाना पुलिस की टीम ने मिलकर किया। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों और इसके वित्तीय लेन-देन की भी गहराई से जांच कर रही है।
