कुलपति कार्यालय पहुंचकर छात्रों ने सौंपा ज्ञापन, प्रशासन से दो दिन में निर्णय लेने की अपील
वाराणसी (रणभेरी): काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में गुरुवार को छात्रों ने सर सुंदरलाल चिकित्सालय के नवनियुक्त चिकित्सा अधीक्षक (मेडिकल सुपरिंटेंडेंट) और ट्रॉमा सेंटर प्रभारी को जल्द से जल्द कार्यभार ग्रहण कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। दोपहर करीब तीन बजे बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कुलपति कार्यालय पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि अस्पताल में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर नई नियुक्तियां हो चुकी हैं, लेकिन संबंधित अधिकारियों को अभी तक आधिकारिक रूप से जिम्मेदारी नहीं दी गई है। छात्रों के अनुसार, इससे अस्पताल की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और कर्मचारियों के साथ-साथ मरीजों एवं आम लोगों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता शिवांश सिंह और हर्ष त्रिपाठी ने किया। छात्रों ने कहा कि सर सुंदरलाल चिकित्सालय पूर्वांचल सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान है। ऐसे संस्थान में प्रशासनिक पदों पर नियुक्त अधिकारियों को समय पर जिम्मेदारी न मिलना व्यवस्था की दृष्टि से चिंता का विषय है।
छात्र नेता शिवांश सिंह ने कहा कि अस्पताल से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी कार्यभार हस्तांतरण में देरी होना प्रशासनिक स्तर पर गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को समय पर अधिकार मिलने से अस्पताल की व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से संचालित हो सकेंगी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।
उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि नवनियुक्त अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार सौंपा जाए, जिससे अस्पताल की प्रशासनिक, वित्तीय और अन्य व्यवस्थाएं स्पष्ट जिम्मेदारी के साथ संचालित हो सकें। छात्रों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय में पारदर्शी और प्रभावी प्रशासन व्यवस्था सुनिश्चित कराना है।
दो दिन में निर्णय नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
छात्र नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि अगले दो दिनों के भीतर इस मामले में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांग केवल प्रशासनिक प्रक्रिया को पूरा करने की है, ताकि अस्पताल की कार्यप्रणाली सुचारु रूप से चलती रहे।
वहीं, छात्र नेता हर्ष त्रिपाठी ने कहा कि नई नियुक्तियों के बाद भी पुराने अधिकारियों के माध्यम से काम जारी रहना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जल्द से जल्द कार्यभार हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए, जिससे दस्तावेजों, प्रशासनिक अधिकारों और वित्तीय जिम्मेदारियों का नियमानुसार हस्तांतरण हो सके।
छात्रों का कहना है कि किसी भी बड़े संस्थान की मजबूती के लिए जवाबदेह और पारदर्शी प्रशासन जरूरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द इस मामले में निर्णय लेकर अस्पताल की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाएगा।
