रिटायर्ड रेलकर्मी से 23 लाख की ठगी, क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर कॉल की, मनी लांड्रिंग में फंसाने की धमकी दी

रिटायर्ड रेलकर्मी से 23 लाख की ठगी, क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर कॉल की, मनी लांड्रिंग में फंसाने की धमकी दी

वाराणसी (रणभेरी): साइबर ठगों ने रिटायर्ड रेलकर्मी को डिजिटल अरेस्ट कर 23 लाख ठगी की। रेलकर्मी के डॉक्टर बेटे ने सिगरा थाने में इस संबंध में एफआईआर दर्ज कराई है। डॉक्टर चंदन किशोर ने बताया कि उनके पिता के नंबर को मनी लांड्रिंग में बताकर 25 दिसंबर 2025 को जालसाजों ने फोन किया। डिजिटल अरेस्ट करते हुए उनके खाते में मौजूद 23 लाख रुपए आरटीजीएस करवा लिए। साइबर क्राइम थाने के बाद अब सिगरा थाने में भी उन्होंने तहरीर दी है। थाना प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

साइबर एक्सपर्ट्स की मदद ली जा रही है। डॉक्टर चंदन किशोर ने बताया कि मेरे पिता रघुनंदन प्रसाद रेलवे से रिटायर्ड हैं। 25 दिसंबर 2025 को उनके नंबर पर एक वॉट्सऐप काल आयी जिसमें बताया गया कि आप के आधार से लीन एक नंबर से मनी लांड्रिंग की गयी है। आप को कुछ मुंबई आकर पुलिस से बात करनी होगी यहां आप के नाम की एफआईआर दर्ज है। कुछ देर में आप से अधिकारी बात करेंगे। इसके बाद पुलिस का लोगो लगे नंबर से एक वीडियो कॉल आयी जिसमें बात कर रहे व्यक्ति ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया और पिता जी को डराया की आप को जेल होगी और जुर्माना भी देना होगा। इसके बाद उन्हें किसी से बातचीत की मनाही कर दी। पिता जी ने नंबर अपना नहीं होना बताया तो उन्होंने कहा यहां आकर लिखित दें। इसपर उन्होंने आने पर असमर्थता जताई तो उन्होंने झांसे में ले लिया।

इसके बाद उधर से उस अधिकारी ने जांच चलने तक अपने बैंक अकाउंट की सभी राशि एक अकाउंट में ट्रांसफर करने को कही और ट्रांसफर करने तक किसी से कोई बता इस संबंध में न करने की हिदायत दी। इसपर पिता जी ने 26 तारीख को आरटीजीएस के माध्यम से गुवहाटी के एक बैंक अकाउंट में 23 लाख रुपए ट्रांसफर करवा दिए। इस बात की मुझे जानकारी जब हुई तो मैंने ऑनलाइन साइबर क्राइम के नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कोई समाधान न निकलने पर सिगरा थाने में तहरीर दी है जिसपर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

थाना प्रभारी सिगरा संजय मिश्रा ने बताया कि छित्तूपुर मेडिकल कॉलोनी के रहने वाले डॉक्टर चंदन किशोर ने अपने पिता रघुनंदन प्रसाद के साथ साइबर जालसाजी को लेकर तहरीर दी है। डिजिटल अरेस्ट कर 23 लाख की साइबर ठगी का मामला है। इस संबंध में बीएनएस की धारा 316(2) और 318(4) में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। इसमें हम साइबर एक्सपर्ट की मदद ले रहे हियँ। जल्द ही जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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