(रणभेरी): उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपनी धार्मिक आस्था को लेकर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। गुरुवार को वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह विवाद का जिक्र किया।
केशव मौर्य ने कहा कि यदि अखिलेश यादव को मुस्लिम वोटों की चिंता नहीं है तो उन्हें मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मामले पर भी अपनी राय रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव रामभक्ति दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कृष्ण भक्ति के मुद्दे पर उनकी चुप्पी सवाल खड़े करती है।
उन्होंने कहा, “अगर वह वास्तव में सभी धार्मिक स्थलों के प्रति समान भाव रखते हैं तो उन्हें मथुरा के मुद्दे पर भी अपना पक्ष रखना चाहिए। तभी लोग उनके रुख को गंभीरता से लेंगे।”

काशी और मथुरा के मामलों पर जताया भरोसा
उपमुख्यमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर और मथुरा से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम का भव्य निर्माण हो चुका है और मंदिर से जुड़े अन्य मामलों में भी न्यायालय के फैसले का इंतजार है।
केशव मौर्य ने कहा कि यदि सत्य किसी पक्ष के साथ है तो अंत में न्याय उसी के पक्ष में आएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में काशी विश्वनाथ मंदिर भी राम मंदिर की तरह और अधिक भव्य स्वरूप में दिखाई देगा। उन्होंने कहा, “देश की न्याय व्यवस्था पर हमें पूरा भरोसा है। न्यायालय के माध्यम से जो भी फैसला आएगा, उसे सभी को स्वीकार करना चाहिए।”
चार राज्यों के ग्राम प्रधानों ने लिया हिस्सा
ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से आयोजित सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड के करीब 300 ग्राम प्रधानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, पंचायतों की भूमिका और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने पर चर्चा हुई।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के विकास का रास्ता गांवों से होकर गुजरता है। जब तक गांव मजबूत और आत्मनिर्भर नहीं होंगे, तब तक विकसित भारत का लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़े नए कानून को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ लागू करना जरूरी है। इस योजना में ग्राम पंचायतों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और ग्राम प्रधान इसके प्रमुख भागीदार हैं।
डिजिटल व्यवस्था से बढ़ेगी पारदर्शिता
केशव मौर्य ने पंचायत स्तर पर डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन जैसी व्यवस्थाओं से योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता आएगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी।

उन्होंने कहा कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचे और ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को बढ़ावा मिले।
मोदी-योगी सरकार के विकास कार्यों का जिक्र
उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वाराणसी में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि काशी में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिला है और धार्मिक तथा आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण काम हुए हैं।
उन्होंने कहा कि अब गांवों की विकास योजनाएं तैयार करने में ग्राम पंचायतों और ग्राम सभाओं की भूमिका बढ़ाई गई है। मजबूत पंचायत व्यवस्था से गांवों में आत्मनिर्भरता, बेहतर प्रशासन और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था स्थापित करने में मदद मिलेगी। केशव मौर्य ने ग्राम प्रधानों को ग्रामीण विकास का महत्वपूर्ण स्तंभ बताते हुए कहा कि मजबूत पंचायतें ही विकसित गांव और विकसित भारत की नींव तैयार करेंगी।
