वाराणसी (रणभेरी): कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने नियमित चेकिंग अभियान के दौरान दो युवकों को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़कर उनके कब्जे से करीब 1.95 करोड़ रुपये मूल्य की सोने और हीरे की ज्वेलरी बरामद की है। दोनों युवक आभूषणों से जुड़े कोई वैध दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद जीआरपी ने आयकर विभाग को सूचना देकर मामले की जांच शुरू करा दी।
जानकारी के अनुसार, जीआरपी की टीम शनिवार को कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 और 7 पर गश्त के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान अलग-अलग स्थानों पर मौजूद दो युवक पुलिस को संदिग्ध दिखाई दिए। जब उनसे पूछताछ की गई तो वे अपने आने-जाने और सामान के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। संदेह बढ़ने पर दोनों को जीआरपी थाने लाकर उनके बैग की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान बैग से बड़ी मात्रा में सोने और डायमंड के आभूषण बरामद हुए। पुलिस ने जब इन आभूषणों के खरीद-बिक्री या परिवहन से संबंधित दस्तावेज मांगे तो दोनों युवक कोई भी वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर पाए। बरामद ज्वेलरी की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 95 लाख रुपये आंकी गई है।

जीआरपी थाना प्रभारी रजोल नागर ने बताया कि पूछताछ में दोनों युवकों ने अपनी पहचान गुजरात के सूरत निवासी रौनक और गौतम के रूप में बताई है। उनका कहना है कि वे यह ज्वेलरी सूरत से लेकर उत्तर प्रदेश के जौनपुर जा रहे थे। हालांकि जौनपुर में यह आभूषण किसे सौंपे जाने थे और इसका वास्तविक कारोबारी नेटवर्क क्या है, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी ने तत्काल आयकर विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद आयकर विभाग की टीम कैंट स्टेशन पहुंची और दोनों युवकों से पूछताछ शुरू कर दी। अधिकारियों द्वारा बरामद आभूषणों की वैधता, स्वामित्व, परिवहन और टैक्स से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
जीआरपी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि आभूषणों के संबंध में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं या जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।फिलहाल जीआरपी और आयकर विभाग संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि बरामद ज्वेलरी किसी वैध व्यापारिक लेन-देन का हिस्सा थी या इसके पीछे कोई अन्य नेटवर्क सक्रिय है।
