वाराणसी (रणभेरी): अबू धाबी के लिए रवाना हुई एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक बोइंग 737 फ्लाइट को उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या सामने आने के बाद वापस कोच्चि लौटना पड़ा। बताया जा रहा है कि विमान के एक इंजन में ऑयल की मात्रा तेजी से कम हो रही थी। स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब इंजन का ऑयल प्रेशर खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पायलटों ने प्रभावित इंजन को बंद कर दिया और विमान को वापस कोच्चि लाने का फैसला किया।
मामला सोमवार, 7 सितंबर का बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX 415 कोच्चि से अबू धाबी के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के करीब 50 मिनट बाद, जब विमान लगभग 36 हजार फीट की ऊंचाई पर क्रूज कर रहा था, पायलटों की नजर इंजन नंबर-1 के ऑयल लेवल में हो रही तेज गिरावट पर गई।
लगातार कम होता गया इंजन का ऑयल
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में क्रू ने विमान के इंजन पैरामीटर और स्थिति का आकलन किया। इसके लिए उड़ान संचालन में इस्तेमाल होने वाली FORDEC प्रक्रिया के तहत स्थिति का मूल्यांकन किया गया। ऑयल की मात्रा लगातार घटती रहने के कारण अबू धाबी जाने की योजना को बीच में ही रोकने का निर्णय लिया गया।
कमांडर ने विमान का रुख कोच्चि की तरफ मोड़ते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इसकी जानकारी दी। रिपोर्टों के अनुसार, मुंबई रेडियो से हाई-फ्रीक्वेंसी के जरिए भी संपर्क किया गया और विमान के वापस लौटने की सूचना दी गई।
रेड जोन में पहुंचा ऑयल प्रेशर
वापसी के दौरान भी क्रू लगातार इंजन की स्थिति पर नजर रखे हुए था। इसी दौरान इंजन नंबर-1 का ऑयल प्रेशर खतरनाक सीमा यानी रेड जोन में पहुंच गया। इसके बाद निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करते हुए पायलटों ने प्रभावित इंजन को बंद कर दिया।
बोइंग 737 जैसे दो इंजन वाले विमान को एक इंजन के सहारे उड़ाना संभव है और ऐसी परिस्थितियों के लिए पायलटों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। हालांकि, विमान के वजन और अन्य परिस्थितियों के आधार पर ऐसी लैंडिंग सामान्य लैंडिंग की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
सुरक्षित कोच्चि पहुंचा विमान
तकनीकी समस्या के बावजूद विमान ने कोच्चि के कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। विमान के वापस पहुंचने के बाद यात्रियों को स्थिति की जानकारी दी गई और विमान की तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। उपलब्ध रिपोर्टों में विमान में सवार यात्रियों की सटीक संख्या की जानकारी तत्काल सामने नहीं आई है।
इस पूरे घटनाक्रम में किसी यात्री के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है। एयर इंडिया एक्सप्रेस और विमानन नियामक DGCA की ओर से घटना के कारण और तकनीकी खराबी की प्रकृति को लेकर आधिकारिक विस्तृत बयान का इंतजार है।
कुछ दिन पहले वाराणसी-दिल्ली फ्लाइट में भी आई थी तकनीकी दिक्कत
एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों में तकनीकी समस्या का यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही कंपनी की एक अन्य फ्लाइट को आपात स्थिति में उतारना पड़ा था।
3 सितंबर को वाराणसी से दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट में उड़ान के दौरान कार्गो हिस्से से जुड़ा धुएं का अलार्म सक्रिय होने की सूचना सामने आई थी। इसके बाद पायलटों ने एहतियाती कदम उठाते हुए लखनऊ एयरपोर्ट से संपर्क किया और विमान को वहां उतारने का फैसला किया।
विमान के लखनऊ पहुंचने के बाद एयरपोर्ट की रिस्पॉन्स टीम सक्रिय हुई। फायर ब्रिगेड और तकनीकी विशेषज्ञों ने विमान की जांच की। उस मामले में भी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को निर्धारित गंतव्य के बजाय लखनऊ में उतारा गया था।
जांच के बाद सामने आएगा तकनीकी कारण
कोच्चि से अबू धाबी जा रही फ्लाइट में इंजन के ऑयल लेवल में अचानक गिरावट क्यों आई और इसके पीछे किसी तकनीकी खराबी, लीकेज या अन्य कारण की भूमिका थी या नहीं, इसका स्पष्ट जवाब विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि पायलटों ने समय रहते इंजन की स्थिति को पहचाना, उड़ान का मार्ग बदला और विमान को सुरक्षित रूप से वापस कोच्चि पहुंचाया।
