(रणभेरी): शहर के कैंट थाना क्षेत्र स्थित सिंचाई विभाग के बाढ़ खंड कार्यालय में गुरुवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब निरीक्षण के लिए पहुंचे अधिशासी अभियंता के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। घटना के दौरान कार्यालय परिसर में करीब 20 मिनट तक हंगामा चलता रहा। वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। घटना का वीडियो अगले दिन सामने आने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया। पीड़ित अधिशासी अभियंता की शिकायत पर पुलिस ने दो नामजद और चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निरीक्षण के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब एक बजे सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता और अधिशासी अभियंता कैंट क्षेत्र स्थित बाढ़ खंड कार्यालय का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान विभाग से निलंबित चल रहा एक क्लर्क, एक सहायक अभियंता तथा उनके साथ आया एक अन्य युवक कार्यालय पहुंचे।
आरोप है कि तीनों सीधे अधिशासी अभियंता के पास पहुंचे और पहले तीखी बहस व अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जब अधिकारियों ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और हाथापाई शुरू हो गई।
थप्पड़ों से हमला, जान से मारने की धमकी का आरोप
शिकायत के मुताबिक, सबसे पहले हेलमेट पहने एक युवक ने अधिशासी अभियंता को थप्पड़ मारा। इसके बाद अन्य आरोपियों ने भी उनके साथ मारपीट की। इस दौरान कथित रूप से एक आरोपी ने हथियार निकालकर जान से मारने की धमकी देने जैसी बात भी कही, जिससे कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों में दहशत फैल गई। घटना के दौरान कर्मचारी और अन्य अधिकारी बीच-बचाव के लिए आगे आए। काफी मशक्कत के बाद मामला शांत कराया गया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
कर्मचारियों ने बचाई जान
पीड़ित अधिकारी का कहना है कि यदि कार्यालय के कर्मचारी समय पर हस्तक्षेप नहीं करते तो घटना और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की मदद से ही वे हमलावरों के चंगुल से निकल सके।
पुराने विवाद से जुड़ा बताया जा रहा मामला
अधिशासी अभियंता के अनुसार, कुछ समय पहले विभागीय जांच के आधार पर संबंधित क्लर्क के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। जांच रिपोर्ट के बाद उसे निलंबित कर दिया गया था और उसका वेतन भी रोक दिया गया था। अधिकारी का आरोप है कि इसी कार्रवाई से नाराज होकर आरोपी लंबे समय से रंजिश रखे हुए था।
उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले वर्ष की शुरुआत में भी उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से धमकियां दी गई थीं। उस समय उन्होंने वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी थी। बाद में विभागीय जांच के पश्चात संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई थी।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद अधिशासी अभियंता ने कैंट थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो नामजद तथा चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जा रही है। घटना के समय कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। साथ ही सामने आए वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी।जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो आने के बाद बढ़ी चर्चा
घटना के अगले दिन कार्यालय में हुई मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। वीडियो में कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी और कर्मचारियों द्वारा बीच-बचाव करते हुए दिखाई देने की बात कही जा रही है। पुलिस वीडियो की भी जांच कर रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि की जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सभी संबंधित पक्षों से पूछताछ की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
