लखनऊ (रणभेरी): सोने और चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान सर्राफा कारोबारियों का आक्रोश शुक्रवार को सड़कों पर नजर आया। ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन से जुड़े व्यापारियों ने राजधानी के आशियाना क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रतीकात्मक ‘वेंटिलेटर यात्रा’ निकाली। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से कीमती धातुओं की कीमतों पर नियंत्रण और व्यापार को राहत देने की मांग की।
इस मौके पर संगठन के संयोजक विनोद माहेश्वरी ने कहा कि बीते कई दिनों से सोने-चांदी के भाव जिस तेजी से बढ़ रहे हैं, उससे सर्राफा कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्राहकों की खरीद क्षमता घट रही है और बाजार में सुस्ती छा गई है। उन्होंने कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो यह परंपरागत व्यापार पूरी तरह चरमरा सकता है।
व्यापारियों ने सरकार से मांग की कि सोने-चांदी के बाजार में सक्रिय सट्टा तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए और मूल्य स्थिरता की नीति अपनाई जाए। इसके साथ ही आभूषणों पर लागू जीएसटी दरों में कटौती और आयात शुल्क को व्यावहारिक बनाए जाने की भी मांग उठाई गई। व्यापारियों का कहना है कि ऊंची कस्टम ड्यूटी के चलते तस्करी को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे ईमानदार कारोबारी नुकसान झेल रहे हैं।

विनोद माहेश्वरी ने चिंता जताते हुए कहा कि गिरते कारोबार का सीधा असर सामाजिक ताने-बाने पर भी पड़ रहा है। आर्थिक दबाव के चलते चोरी, डकैती, बेईमानी और आत्महत्या जैसी घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में सर्राफा व्यापार ‘वेंटिलेटर’ पर पहुंच चुका है और इसे बचाने के लिए सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।

वहीं, व्यापारी नेता मनीष वर्मा ने कहा कि सर्राफा व्यवसाय बेहद संवेदनशील प्रकृति का है। रोज़ाना बिक्री संभव नहीं होती और कारोबार मुख्य रूप से शादी-विवाह जैसे अवसरों पर निर्भर करता है। ऐसे समय में जब कीमतें अचानक बढ़ जाती हैं, तो ग्राहक खरीद से पीछे हट जाता है, जिससे व्यापार को भारी नुकसान होता है।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि सर्राफा बाजार को संतुलित करने के लिए ठोस नीति बनाई जाए, जिससे व्यापारियों की समस्याओं का समाधान हो सके और बाजार में स्थिरता लौटे।
