यूपी कालेज : लेटर वायरल होने के बाद बढ़ी कैम्पस की सुरक्षा

यूपी कालेज : लेटर वायरल होने के बाद बढ़ी कैम्पस की सुरक्षा

वाराणसी (रणभेरी सं.)। भोजूबीर स्थित यूपी कॉलेज पर वक्फ बोर्ड ने अपना दावा किया है। इसको लेकर यहां के छात्रा और प्रबंधन के लोगों में गुस्सा है। इसको लेकर तमाम तरह की कानूनी कागजातों को भी कॉलेज प्रबंधन ने पेश किया है। यूपी कॉलेज को वक्फ बोर्ड की नोटिस के मामले में छात्रों के गुस्से के बाद कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। कैंपस में पीएसी और पुलिस की तैनातगी कर दी गई है और संदिग्धों पर निगाह रखी जा रही है। यूपी कॉलेज परिसर छावनी में तब्दील हो गया है। शुक्रवार को जुमे की नमाज को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसको लेकर उदय प्रताप कालेज में छात्रों और कॉलेज प्रशासन के साथ बैठक हुई, जिसमें छात्रों ने ऐसी किसी भी मंशा से इनकार किया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि कोई भी अप्रिय घटना नहीं होने देंगे।

यह प्रश्नगत नोटिस 2018 का है और कॉलेज प्रशासन ने साक्ष्यों के साथ जवाब दिया है। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ बीते 25 नवंबर को वाराणसी के उदय प्रताप कालेज के 115वें संस्थापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आए थे। उनके यहां से जाने के बाद से ही अचानक वक्फ बोर्ड का वो लेटर वायरल हो रहा है जिसमें यूपी कालेज की जमीन वक्फ की संपत्ति होने का दावा किया गया था। कालेज प्रबंधन से लेकर पुलिस प्रशासन भी अचानक उठे इस मामले पर नजर बनाए हैं। खुफिया तंत्र के साथ ही सिक्योरिटी एजेंसियां सक्रिय हो गई है। 

6 दिसम्बर को जारी हुई नोटिस

वसीम अहमद की शिकायत के बाद यूपी सेंट्रल बोर्ड ने यूपी कालेज को 6 दिसंबर 2018 को नोटिस जारी की। नोटिस सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के आले आतिफ की तरफ से जारी करते हुए कहा जवाब नहीं देने पर उक्त कालेज की जमीन को वक्फ बोर्ड की संपत्ति के तौर पर पंजीकृत कर लिया जाएगा।

100 एकड़ में फैला है कालेज परिसर

वाराणसी के भोजूबीर इलाके में 100 एकड़ में उदय प्रताप कालेज का कैम्पस है। इंटर तक छात्र-छात्राओं की यूपी इंटर कालेज और रानी मुरार बालिका इंटर कालेज में पढ़ाई अलग-अलग होती है। डिग्री कालेज के साथ ही पब्लिक स्कूल, मैनेजमेंट, कम्प्यूटर समेत अन्य शैक्षणिक कोर्स चलते है। कालेज के स्पोर्ट्स ग्राउंड ने देश को कई ओलंपियन दिए हैं। हाकी और बास्केटबॉल के साथ ही यूपी कालेज का कृषि विभाग अग्रणी भूमिका  निभाता है।

योगी ने किया है विश्वविद्यालय बनाने का वादा

यूपी कालेज के 115वें संस्थापन समारोह में 25 नवंबर सीएम योगी आए थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के छात्रों के लिए शिक्षा का द्वार खोलने के वाले यूपी कालेज को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने का आश्वासन दिया था। कहा था कि कॉलेज प्रशासन एक सादे पेपर पर आवेदन कर दें, सरकार मान्यता दे देगी।

कालेज परिसर में है तीन बिस्वा जमीन पर मस्जिद

100 एकड़ में फैले यूपी कालेज में नवाब टोंक की मस्जिद व कचनार शाह की मजार भी है जहां मुस्लिम बंधु नमाज अता करने आते हैं। डिग्री कालेज मार्ग पर लाइब्रेरी के समीप मौजूद मस्जिद में कम संख्या में नमाजी आते हैं। वाराणसी के वसीम ने यूपी कालेज की जमीन को वक्फ बोर्ड की बताते हुए सेंट्रल सुन्नी वक्फ बोर्ड में दावा किया था। किसने किया था वक्फ बोर्ड में दावा ! वाराणसी के भोजूबीर निवासी ने वर्ष 2008 में यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में पत्र लिखकर दावा किया कि कॉलेज परिसर की भूमि वक्फ की संपत्ति है जिसपर कालेज प्रशासन ने कब्जा कर रखा है। परिसर में नवाब टोक की मस्जिद है।

उदय प्रताप ने 1909 में किया था इंडाउमेंट ट्रस्ट का गठन

सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड की तरफ से जारी नोटिस का जवाब देते हुए यूपी कालेज के सचिव यूएन सिन्हा बताया कि कॉलेज के संस्थापक राजर्षि जू देव ने 1909 में उदय प्रताप कालेज एंड हीवेट क्षत्रिय स्कूल इनडाउमेंट ट्रस्ट का गठन करते हुए कालेज की स्थापना की थी। चैरिटेबल इनडाउमेंट एक्ट के तहत ट्रस्ट के गठन के एक साल बाद अन्य किसी का मालिकाना हक स्वत: समाप्त हो जाता है। ऐसे में वक्फ बोर्ड का कालेज की जमीन अपना दावा करना कानूनी रूप से गलत है।

नोटिस आते ही मचा हड़कंप, वक्फ बोर्ड से मांगी डीड

सुन्नी सेंट्रल बोर्ड की तरफ से जारी नोटिस एक सप्ताह बाद कालेज पहुंची। नोटिस मिलते ही कालेज प्रशासन से लेकर अध्ययनरत छात्र-छात्राओं में रोष व्याप्त हो गया। यूपी कालेज शिक्षा समिति के सचिव यूएन सिन्हा ने नोटिस का जवाब दिया। जवाब में बताया कि वक्फ बोर्ड में गलत शिकायत दर्ज कराई गई है। कालेज के शैक्षणिक माहैल खराब करने की साजिश के तहत किसी मानसिक विकृत शख्स ने वक्फ बोर्ड को गलत जानकारी दी है। बोर्ड के पास अगर जमीन से संबंधित कोई डीड है तो उपलब्ध कराए ताकि कालेज प्रशासन उसका जवाब दे सके।

योगी ने किया है विश्वविद्यालय बनाने का वादा

यूपी कालेज के 115वें संस्थापन समारोह में 25 नवंबर सीएम योगी आए थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के छात्रों के लिए शिक्षा का द्वार खोलने के वाले यूपी कालेज को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने का आश्वासन दिया था। कहा था कि कॉलेज प्रशासन एक सादे पेपर पर आवेदन कर दें, सरकार मान्यता दे देगी।