काशी में बाबा विश्वनाथ के विवाहोत्सव की तैयारियां आज से शुरू, महादेव को लगेगी मेवाड़ की हल्दी, नागा सन्यासी करेंगे अर्पण

वाराणसी (रणभेरी): काशी में आज से महादेव के विवाहोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई है। बाबा विश्वनाथ को आज हल्दी लगेगी। 25 फरवरी को भजन कार्यक्रम और 26 फरवरी को शिव-पार्वती विवाह होगा, लेकिन इस बार आयोजन खास है क्योंकि एक ओर महाकुंभ से नागा सन्यासियों का काशी में नगर प्रवेश हुआ है। दूसरी ओर महंत आवास पर होने वाले कार्यक्रम की शोभा और विशेष होने वाली है। श्री निरंजनी पंचायती अखाड़ा के साधू सन्यासी नागा दिगम्बर खुशहाल भारती के नेतृत्व में नागा सन्यासी इस बार मेवाड़ की हल्दी बाबा को अर्पित करेंगे।
पहले शाम छह बजे मणिकर्णिका घाट से डमरू बजाते यात्रा निकाली जाएगी और टेढ़ी नीम महंत आवास पर पहुंचकर नागा साधु महादेव को अपने द्वारा लाई गई भेंट अर्पण करेंगे। महिलाएं गीत गाएंगी और हल्दी की रस्म अदा होगी। इसके साथ ही भोलेनाथ और माता गौरा के लिए भी इस बार खास परिधान और इसके साथ ही आभूषण लाया गया है जो मेवाड़ के रंग में रंगा होगा।
संध्याबेला में शिव को हल्दी लगाई जाएगी। गवनहारिनों की टोली जुटेगी। यह रस्म विश्वनाथ मंदिर के पूर्व मंहत डॉ. कुलपति तिवारी के निधन के बाद पहली बार उनकी पत्नी मोहिनी देवी के सानिध्य में पुत्र पं. वाचस्पति तिवारी निभायेंगे।
फाल्गुन मास की कृष्णपक्ष की चतुर्दशी पर 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर शिव-पार्वती विवाह के पूर्व उत्सव का क्रम आज से विश्वनाथ मंदिर के टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत आवास पर शुरू हो जाएगा। बाबा के रजत विग्रह के समक्ष हल्दी तेल के लोकाचार में काशीवासियों के साथ ही महाकुम्भ से लौटे साधु-संन्यासी भी शामिल होगे। वहीं महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर 10 लाख से अधिक श्रद्धालु काशी पहुंच चुके हैं। अगले 48 घंटे में 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर वाराणसी से गुजरने वाली 14 से अधिक ट्रेनें निरस्त कर दी गईं हैं।