एम्स थानेदार ने कोर्ट में दिया लिखित माफीनामा, सीजीएम ने नहीं स्वीकारा

एम्स थानेदार ने कोर्ट में दिया लिखित माफीनामा, सीजीएम ने नहीं स्वीकारा

गोरखपुर। सीजीएम प्रथम अरुण कुमार यादव के कोर्ट में गलत व्यवहार के आरोपों में घिरे एम्स थानेदार संजय कुमार सिंह ने सोमवार को माफीनामा दे दिया। न्यायालय में उन्होंने माफीनामा देते हुए खुद को स्वयं विधि का पालक बताया और क्षमा मांगा है। हालांकि, सीजीएम प्रथम ने माफीनामा को स्वीकार नहीं किया है और जिला जज तेज प्रताप तिवारी को कार्रवाई से अवगत कराया। जिला जज ने संजय कुमार सिंह के विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही चलाने के लिए उच्च न्यायालय इलाहाबाद को संदर्भित किया है। जानकारी के मुताबिक, एक मई को एम्स थानेदार जालसाज कमलेश यादव और उसके साथी दीनानाथ पर दर्ज केस में रिमांड लेने के लिए विवेचक के साथ गए थे। इस दौरान कोर्ट में रिमांड को लेकर बहस हो गई। आरोप है कि न्यायालय में एम्स थानेदार संजय कुमार सिंह द्वारा न्याय कार्यवाही के दौरान अमर्यादित, असंसदीय एवं अशोभनीय टिप्पणी की गई थी। इस संबंध में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) ने एम्स थानेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया था कि वह बताए क्यों न उनके विरुद्ध अवमानना की कार्यवाही चलाने के लिए उच्च न्यायालय इलाहाबाद को संदर्भित कर दिया जाए। प्रभारी निरीक्षक ने न्यायालय से एक सप्ताह का समय मांगा था और सोमवार को न्यायालय के समक्ष प्रार्थनापत्र देकर क्षमा याचना की है माफीनामा में प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई भी आचरण जानबूझकर न्यायालय के समक्ष प्रकट नहीं किया है, जिससे न्यायालय की गरिमा प्रभावित हो। वह स्वयं विधि का पालक और लोक सेवक हैं, जो सदैव न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों का सर्वथा सद्भावना से अनुपालन करते हैं। उनके इस माफीनामा को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम ने स्वीकार नहीं किया।