जन चौपाल में महिला श्रमिकों ने उठाई 120 दिन रोजगार की मांग

जन चौपाल में महिला श्रमिकों ने उठाई 120 दिन रोजगार की मांग

50 गांवों से पहुंचीं करीब 300 महिलाएं, सरकारी योजनाओं और श्रमिक अधिकारों की दी गई जानकारी

वाराणसी (रणभेरी): ग्रामीण क्षेत्रों में असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिला श्रमिकों को सरकारी योजनाओं और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आराजी लाइन विकासखंड के ब्लॉक सभागार में जन चौपाल का आयोजन किया गया। आशा ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में क्षेत्र के करीब 50 गांवों से लगभग 300 महिला श्रमिकों ने भाग लिया। चौपाल में महिलाओं ने रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दे अधिकारियों के सामने रखे। इस दौरान महिला श्रमिकों ने साल में 120 दिन रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को श्रमिक पंजीकरण से लेकर पेंशन, स्वास्थ्य, आवास, सामाजिक सुरक्षा, रोजगार तथा महिला एवं परिवार कल्याण से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पात्रता पूरी करने वाले श्रमिक नियमानुसार आवेदन कर विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

अधिकारियों ने समझाई आवेदन प्रक्रिया

जन चौपाल में आराजी लाइन के खंड विकास अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने महिलाओं को सरकार की ओर से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कई बार पात्र होने के बावजूद जानकारी के अभाव में ग्रामीण महिलाएं योजनाओं का लाभ नहीं ले पाती हैं। ऐसे में जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए उन्हें योजनाओं की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन की प्रक्रिया समझना जरूरी है।

जन चौपाल में महिला श्रमिकों ने उठाई 120 दिन रोजगार की मांग

उन्होंने महिला श्रमिकों से अपील की कि वे किसी भी योजना का लाभ लेने से पहले उसकी पात्रता और आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें तथा निर्धारित माध्यम से आवेदन करें।

समस्याओं को लेकर महिलाओं ने पूछे सवाल

चौपाल में पहुंचीं महिला श्रमिकों ने केवल योजनाओं की जानकारी ही नहीं ली, बल्कि उन्हें लाभ लेने में आने वाली व्यवहारिक परेशानियों को भी अधिकारियों के सामने रखा। महिलाओं ने पंजीकरण, दस्तावेज, आवेदन, रोजगार और योजनाओं का लाभ मिलने में होने वाली दिक्कतों से जुड़े सवाल पूछे।

अधिकारियों और विभागीय प्रतिनिधियों ने महिलाओं के सवालों का जवाब देते हुए उन्हें संबंधित प्रक्रिया की जानकारी दी। महिला श्रमिकों ने कहा कि अलग-अलग कार्यालयों में जाने के बजाय एक ही स्थान पर कई योजनाओं की जानकारी मिलने से उन्हें काफी सुविधा हुई।

जन चौपाल में महिला श्रमिकों ने उठाई 120 दिन रोजगार की मांग

श्रमिक कानून और रोजगार के मुद्दे पर भी चर्चा

कार्यक्रम में ब्लॉक प्रतिनिधि डॉ. महेंद्र सिंह पटेल ने श्रमिकों से संबंधित विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की। इस दौरान ‘जी राम जी’ कानून सहित ग्रामीण श्रमिकों से जुड़े प्रावधानों और रोजगार के विषय पर भी चर्चा हुई।

महिला श्रमिकों ने मांग रखी कि ग्रामीण क्षेत्रों में काम की उपलब्धता बढ़ाई जाए और उन्हें वर्ष में अधिक दिनों तक रोजगार मिल सके। महिलाओं का कहना था कि ग्रामीण परिवारों की आय में महिला श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए रोजगार के अवसरों के साथ सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए।

विधायक ने कहा- जानकारी के अभाव में छूट जाता है योजनाओं का लाभ

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रोहनिया विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुनील पटेल ने कहा कि गांवों में बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न प्रकार के असंगठित कार्यों से जुड़ी हुई हैं। इनमें से अनेक महिलाओं को सरकारी योजनाओं की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होती। इसके कारण पात्र होने के बावजूद कई लोग योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं।

उन्होंने कहा कि जन चौपाल जैसे आयोजनों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को एक स्थान पर योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने और उनकी समस्याएं संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में मदद मिलती है। ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को सरकारी सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ना है।

विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में एडीओ समाज कल्याण प्रमोद कुमार, एडीओ पंचायत सतीश मौर्या, एपीओ जी राम जी योजना दीपक कुमार, आराजी लाइन प्रधान संघ के अध्यक्ष मुकेश कुमार, महामंत्री एवं बूढ़ापुर ग्राम प्रधान संजय यादव समेत अन्य जनप्रतिनिधि और विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।

इसके अलावा बनिता, रंजना, सरिता, सुमन, मुन्नी, पुष्पा, नगीना, ज्योति, प्रभावती, सुषमा, रीता, उर्मिला, मीरा, संगीता, आशा, सोनी, अनीता, रामबचन सहित विभिन्न गांवों से आई महिला श्रमिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

महिलाओं ने आगे भी ऐसे कार्यक्रम कराने की मांग की

जन चौपाल के समापन पर महिला श्रमिकों ने कहा कि उन्हें एक ही मंच पर कई सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त हुई। विशेष रूप से आवेदन की प्रक्रिया और संबंधित विभागों के बारे में जानकारी मिलने से उन्हें योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।

महिलाओं ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में समय-समय पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि श्रमिक परिवार सरकारी योजनाओं, रोजगार के अवसरों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं की जानकारी हासिल कर सकें।

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