वाराणसी (रणभेरी): भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने वाराणसी के सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि देश में एसआईआर को लेकर जानबूझकर भ्रम फैलाया जा रहा है। राहुल गांधी का 13 करोड़ वोट चोरी होने का आरोप पूरी तरह भ्रामक है। यह आंकड़ा वोट चोरी का नहीं, बल्कि अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं का है।
संबित पात्रा ने कहा कि एसआईआर कोई नई प्रक्रिया नहीं है। देश में अब तक 12 बार यह प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है। इनमें से 10 बार कांग्रेस शासनकाल में और दो बार भाजपा सरकार के कार्यकाल में एसआईआर हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस की सरकार के समय मतदाता सूची का पुनरीक्षण सही था, तो अब भाजपा सरकार के समय यही प्रक्रिया गलत कैसे हो गई? उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखना है, न कि किसी का वोट काटना।

13 करोड़ मतदाताओं के आंकड़े पर दी सफाई
पात्रा ने एसआईआर के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि करीब तीन करोड़ मतदाता अनुपस्थित श्रेणी में हैं। लगभग छह करोड़ मतदाता स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके हैं। करीब 2.8 करोड़ मतदाताओं को मृत घोषित किया गया है, जबकि लगभग एक करोड़ मतदाताओं के नाम डुप्लीकेट पाए गए हैं। इन सभी श्रेणियों को मिलाकर करीब 13 करोड़ का आंकड़ा सामने आता है। उन्होंने कहा कि इसे वोट चोरी बताना जनता को गुमराह करने की कोशिश है। यदि वास्तव में इतने बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई होती तो देशभर में व्यापक विरोध और आंदोलन देखने को मिलते।
56 चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी लगा रहे आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चुनावी धांधली और चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों पर निशाना साधते हुए पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी भाजपा पर चुनाव चोरी करके जीतने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार फरवरी 2025 में मुख्य चुनाव आयुक्त बने थे, जबकि फरवरी 2014 से फरवरी 2025 तक कांग्रेस 56 विधानसभा चुनाव हार चुकी थी। ऐसे में इन हार का जिम्मेदार भी क्या चुनाव आयोग को ठहराया जाएगा? पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी अपनी चुनावी हार का आत्ममंथन करने के बजाय लगातार संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।
घुसपैठियों को लेकर भाजपा का रुख स्पष्ट
घुसपैठ के मुद्दे पर पात्रा ने कहा कि देश में घुसपैठिए मौजूद हैं और इस वास्तविकता से इनकार नहीं किया जा सकता। भारत के संसाधनों पर पहला अधिकार भारतीय नागरिकों का है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाती हैं। पात्रा ने कहा कि घुसपैठियों की संख्या और उनसे जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट में भी चर्चा हुई है।
उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि लंबे समय तक घुसपैठ का मुद्दा नजरअंदाज किया गया, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे गंभीरता से उठाया है। एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची की जांच की जा रही है, ताकि अपात्र लोगों के नाम हटाए जा सकें। उन्होंने दावा किया कि घुसपैठियों को मतदाता सूची में जगह नहीं मिलनी चाहिए।
