(रणभेरी): उत्तर प्रदेश कैडर की पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने सक्रिय राजनीति में आने का ऐलान कर दिया है। मंगलवार सुबह सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो के जरिए उन्होंने अपने अगले कदम की जानकारी दी। दिव्या ने साफ किया कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक दल का हिस्सा बनने के बजाय स्वतंत्र रूप से राजनीतिक सफर शुरू करेंगी।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में ही रहकर काम करना चाहती हैं। उनका कहना है कि राजनीति में आने का उद्देश्य केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि व्यवस्था और राजनीतिक कामकाज के तरीके में बदलाव लाना है। उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि उन्हें धनबल या बाहुबल की जरूरत नहीं है।
दिव्या मित्तल ने राजनीतिक दल में शामिल होने की संभावनाओं को भी खारिज किया। उनके मुताबिक, वह किसी पार्टी के साथ नहीं जाएंगी और अपनी राह खुद तय करेंगी। उन्होंने मौजूदा राजनीति में सत्ता, उद्घाटन और प्रचार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए यह मुद्दा उठाया कि देश की आजादी के बाद विकास और शासन के कामकाज का व्यापक मूल्यांकन होना चाहिए।
अगस्त में दिया था IAS पद से इस्तीफा
दिव्या मित्तल 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। उन्होंने 30 अगस्त को प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था, जिसे 14 सितंबर को मंजूरी मिल गई। इसके बाद से ही उनके अगले कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।
प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उनका अकादमिक और कॉरपोरेट करियर भी चर्चा में रहा है। उन्होंने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद IIM बेंगलुरु से MBA किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने लंदन में निजी क्षेत्र में भी काम किया था।
मिर्जापुर से चुनाव लड़ने की चर्चा
दिव्या मित्तल के राजनीतिक पदार्पण के ऐलान के बाद अब उनके संभावित चुनाव क्षेत्र को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक जानकारों का एक वर्ग मानता है कि यदि वह चुनावी राजनीति में उतरती हैं तो विधानसभा चुनाव उनका पहला कदम हो सकता है।
मिर्जापुर से उनके जुड़ाव को देखते हुए इस जिले का नाम संभावित राजनीतिक क्षेत्र के तौर पर लिया जा रहा है। वह मिर्जापुर आती-जाती रही हैं और मां विंध्यवासिनी मंदिर में दर्शन भी करती रही हैं।
हालांकि, अभी दिव्या मित्तल ने न तो किसी विधानसभा सीट की घोषणा की है और न ही किसी राजनीतिक दल से समर्थन लेने की बात कही है। लिहाजा मिर्जापुर से चुनाव लड़ने और किसी पार्टी के समर्थन की चर्चाओं को फिलहाल अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
आगे की राजनीति पर निगाहें
दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में उनके अगले कदम पर नजर रहेगी। यदि वह चुनावी मैदान में उतरती हैं, तो यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वह किस क्षेत्र को अपनी राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनाती हैं और स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर किस तरह का राजनीतिक आधार तैयार करती हैं।
फिलहाल उनका संदेश स्पष्ट है-वह उत्तर प्रदेश में रहकर राजनीति के जरिए बदलाव की कोशिश करना चाहती हैं और किसी स्थापित राजनीतिक दल के बजाय स्वतंत्र राजनीतिक रास्ता अपनाने की बात कह रही हैं।
