वाराणसी में फर्जी पत्नी-बेटा बनकर जमीन बेचने की ठगी, मां-बेटे ने हड़पे लाखों रुपये, पुलिस ने दबोचा

वाराणसी में फर्जी पत्नी-बेटा बनकर जमीन बेचने की ठगी, मां-बेटे ने हड़पे लाखों रुपये, पुलिस ने दबोचा

(रणभेरी): शहर में जमीन के नाम पर धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सारनाथ थाना क्षेत्र में एक मां और उसके बेटे पर आरोप है कि उन्होंने एक मृत व्यक्ति की पत्नी और बेटे के रूप में खुद को प्रस्तुत कर जमीन बेचने का झांसा दिया। इस बहाने उन्होंने एक व्यक्ति से लाखों रुपये ले लिए। मामले की जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

जानकारी के अनुसार, भगवानपुर (लंका) निवासी अमित सोनकर ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि सारनाथ के खजूही इलाके में रहने वाले नवेंद्र कुमार पटेल और उसकी मां सुषमा देवी ने उनसे संपर्क किया था। दोनों ने दावा किया कि उनके पास एक जमीन है, जिसे वे बेचना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जमीन उनके नाम दर्ज हो जाएगी और फिर उसकी रजिस्ट्री कर दी जाएगी।

शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने भरोसा जीतने के बाद जमीन का सौदा तय किया और किश्तों में उनसे लाखों रुपये ले लिए। हालांकि रकम लेने के बावजूद न तो जमीन की रजिस्ट्री कराई गई और न ही कोई स्पष्ट जवाब दिया गया। हर बार किसी न किसी बहाने से समय टाल दिया जाता रहा।

काफी समय बीतने के बाद जब अमित सोनकर ने आरोपियों से आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे, तो दोनों दस्तावेजों में दर्ज नामों में अंतर दिखाई दिया। इस पर सवाल उठाने पर मां-बेटे ने कहा कि आधार कार्ड में तकनीकी गलती है और जल्द ही उसे ठीक कराकर सभी दस्तावेज सही कर दिए जाएंगे। साथ ही उन्होंने रजिस्ट्री कराने का भी भरोसा दिलाया।

बताया गया कि संदेह दूर करने के लिए आरोपियों ने एक जमीन का एग्रीमेंट भी कराया, लेकिन बाद में पता चला कि वह जमीन किसी अन्य व्यक्ति की थी। लगातार देरी और विरोधाभासी जानकारी मिलने के बाद अमित सोनकर को ठगी की आशंका हुई।

इसके बाद उन्होंने स्थानीय लोगों और संबंधित अभिलेखों के माध्यम से जमीन तथा आरोपियों की जानकारी जुटाई। जांच में सामने आया कि सुषमा देवी के वास्तविक पति स्वर्गीय मुन्नालाल पटेल हैं, जबकि जिस जमीन का सौदा किया गया था उसके असली मालिक स्वर्गीय बालमुकुंद कपूर थे। आरोप है कि मां-बेटे ने स्वयं को स्वर्गीय बालमुकुंद कपूर की पत्नी और पुत्र बताकर फर्जी पहचान बनाई और उसी आधार पर जमीन बेचने का दावा करते हुए शिकायतकर्ता से बड़ी रकम हासिल कर ली।

मामले की शिकायत मिलने के बाद सारनाथ पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने 24 अप्रैल 2026 को सुषमा देवी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि उसका बेटा नवेंद्र कुमार पटेल फरार चल रहा था।

पुलिस के अनुसार, बीती रात सूचना मिलने पर टीम नवेंद्र कुमार पटेल की गिरफ्तारी के लिए उसके ठिकाने पर पहुंची। पुलिस को देखते ही वह घर की दीवार फांदकर भागने लगा। इसके बाद रिक्रूट कांस्टेबल संचित त्रिपाठी ने उसका पीछा किया और करीब डेढ़ किलोमीटर तक दौड़ने के बाद उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाने लाया गया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे भी जेल भेज दिया गया।

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी पंकज कुमार त्रिपाठी, उपनिरीक्षक राहुल यादव तथा रिक्रूट कांस्टेबल संचित त्रिपाठी सहित पुलिस टीम की सक्रिय भूमिका रही।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जमीन या संपत्ति खरीदने से पहले संबंधित दस्तावेजों, स्वामित्व अभिलेखों और विक्रेता की पहचान की पूरी तरह जांच-पड़ताल अवश्य करें। किसी भी प्रकार का भुगतान करने से पहले राजस्व अभिलेखों और कानूनी दस्तावेजों का सत्यापन करना आवश्यक है, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।

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