(रणभेरी): कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों से जुड़े मुद्दों और नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े कुछ वीडियो दिखाए और आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ सुरक्षाबलों ने सख्ती से कार्रवाई की।
राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में बड़ी संख्या में छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। वे कई वर्षों तक लगातार मेहनत करते हैं, लेकिन जब पेपर लीक जैसी घटनाएं सामने आती हैं तो उनकी मेहनत और भविष्य पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि नीट विवाद से लाखों छात्रों और उनके परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। राहुल गांधी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से छात्रों में नाराजगी बढ़ रही है।

‘छात्र कई साल मेहनत करते हैं, फिर व्यवस्था पर सवाल उठते हैं’
राहुल गांधी ने कहा कि मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र रोजाना कई घंटे पढ़ाई करते हैं। कई छात्र तीन से पांच साल तक पूरी लगन के साथ तैयारी करते हैं। ऐसे में अगर परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी होती है तो इसका सबसे ज्यादा नुकसान मेहनती और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि छात्रों का सवाल है कि अगर पेपर लीक होता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती। उनके अनुसार, ऐसी घटनाएं गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए सबसे बड़ी चिंता का कारण बनती हैं।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि बीते वर्षों में कई परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि युवा वर्ग देश का भविष्य है और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि छात्रों का विरोध केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पूरी व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं।
‘छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए’
राहुल गांधी ने कहा कि देश के छात्र अपनी मेहनत का सम्मान चाहते हैं। उन्होंने सरकार से परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने और छात्रों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लेने की जरूरत है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने छात्रों के साथ हुई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों की बात सुनी जानी चाहिए।
नीट विवाद पर सियासी घमासान जारी
नीट परीक्षा से जुड़े विवाद के बाद देशभर में छात्रों और राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
