वाराणसी (रणभेरी): लहुराबीर स्थित आजाद पार्क में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के समीप लगा राष्ट्रीय ध्वज फटा हुआ नजर आने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्वतंत्रता दिवस के बाद भी क्षतिग्रस्त तिरंगा निर्धारित स्थान पर लगा रहा, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई।
आजाद पार्क में लगी चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के पास तिरंगा फटने के बावजूद उसे हटाया नहीं गया। हवा में लहराते क्षतिग्रस्त ध्वज को देखकर लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज की देखरेख और उसके रखरखाव की व्यवस्था पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि ध्वजारोहण के बाद भी तिरंगे की स्थिति पर जिम्मेदार विभाग को लगातार नजर रखनी चाहिए।

राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान को लेकर निर्धारित नियमों में ध्वज को फटने या क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में सम्मानपूर्वक हटाने और उसके उचित निस्तारण की व्यवस्था पर जोर दिया गया है। ऐसे में सार्वजनिक स्थल पर खराब स्थिति में तिरंगे का लगे रहना निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
वाराणसी के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर पहले भी राष्ट्रीय ध्वज के रखरखाव को लेकर सवाल उठते रहे हैं। रेलवे स्टेशनों, शैक्षणिक परिसरों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर समय-समय पर क्षतिग्रस्त तिरंगे दिखाई देने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
आजाद पार्क की घटना ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगा फहराने के साथ उसके बाद की जिम्मेदारी को लेकर कितनी गंभीरता बरती जा रही है। ध्वज के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में उसे समय रहते हटाना और सम्मानपूर्वक सुरक्षित करना संबंधित जिम्मेदारों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
