(रणभेरी): शाहपुर क्षेत्र में सड़क पर पुलिसकर्मी की जूते से पिटाई का वायरल हुआ वीडियो पुलिस जांच में फर्जी निकला। वीडियो में दिख रहा पुलिसकर्मी और अधिवक्ता दोनों वास्तविक नहीं थे। सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक बटोरने के लिए पूरे घटनाक्रम को कथित तौर पर शूट किया गया था।
मामले में शाहपुर पुलिस ने वीडियो में नजर आ रहे दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राप्तीनगर फेज-1 निवासी प्रिन्स शर्मा और उत्तर टोला निवासी मुकेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों का शांतिभंग की आशंका में चालान किया है। वहीं, वीडियो तैयार करने वाला मुख्य आरोपी यूट्यूबर पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस के मुताबिक उसका मोबाइल बंद है और उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पुलिस व अधिवक्ता की भूमिका भी निकली नकली
वायरल वीडियो करीब तीन मिनट का है। इसमें बाइक से जा रहे एक युवक को पुलिस की वर्दी में दिख रहे व्यक्ति से विवाद करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में युवक अपने पिता को थाने ले जाने को लेकर सवाल करता है। इसके बाद दोनों के बीच कहासुनी बढ़ती है और मारपीट शुरू हो जाती है।
दृश्य में युवक कथित पुलिसकर्मी पर जूते से हमला करता दिखाई देता है। आसपास मौजूद कुछ लोग बीच-बचाव करते हैं। वीडियो में एक व्यक्ति सांसद को फोन कर पुलिसकर्मी का तबादला कराने की बात भी कहता सुनाई देता है। बाद में वीडियो बनाने की बात भी सामने आती है।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने इसकी सत्यता की जांच कराई। जांच में सामने आया कि इसमें दिखाई दे रहा व्यक्ति पुलिस विभाग में तैनात नहीं है। इसी तरह अधिवक्ता के रूप में नजर आ रहा युवक भी वास्तविक वकील नहीं है।
पुलिस की वर्दी में पहले भी बना चुका है वीडियो
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि फरार यूट्यूबर पहले भी पुलिस की वर्दी पहनकर कई वीडियो बना चुका है। पुलिस के अनुसार उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर अकाउंट हैं। बताया जा रहा है कि वह सोशल मीडिया पर ज्यादा लाइक और व्यूज हासिल करने के लिए इस तरह के वीडियो बनाकर पोस्ट करता रहा है।

नौका विहार का वीडियो भी हुआ था वायरल
बताया गया कि अगस्त 2025 में रामगढ़ताल के नौका विहार इलाके का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में आया था। इसमें यूट्यूबर अपनी गर्लफ्रेंड को बाइक पर बैठाकर वाहन चलाता दिखाई दिया था। मामले का संज्ञान लेने के बाद यूपी पुलिस की मीडिया सेल ने संबंधित थाना पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने यातायात नियमों के उल्लंघन के मामले में बाइक का 2,500 रुपये का चालान किया था। पुलिस के मुताबिक उस समय भी संबंधित युवक कार्रवाई से बचकर निकल गया था।
मुख्य आरोपी की तलाश जारी
एसपी सिटी निमिष पाटील के अनुसार शाहपुर क्षेत्र से संबंधित वायरल वीडियो की जांच के बाद उसके फर्जी होने की पुष्टि हुई। वीडियो में पुलिसकर्मी और अधिवक्ता के रूप में दिखाई दे रहे दोनों व्यक्ति वास्तविक नहीं थे। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की गई है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है।
