अपने आराध्य के जन्मोत्सव की तैयारी में डूबी काशी

अपने आराध्य के जन्मोत्सव की तैयारी में डूबी काशी

वाराणसी (रणभेरी सं.)। श्री काशी विश्वनाथ धाम में शनिवार को राम नवमी के पावन उपलक्ष्य में अखंड रामायण पाठ शुरू हुआ। इसका उद्घाटन मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र व अन्य अधिकारियों और अर्चकों की उपस्थिति में किया गया। आज शनिवार को प्रात: चैत्र दुर्गाष्टमी पर्व से प्रारंभ कर यह अखण्ड रामायण जो शुरू किया गया उसका समापन कल रविवार को रामनवमी की तिथि पर समाप्त होगा। अखण्ड रामायण के समापन के साथ ही मंदिर चौक में प्रथम नवरात्रि को स्थापित कलश पूजा का समापन हवन यज्ञ के साथ किया जाएगा। भगवान शिव के आराध्य मयार्दा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव की तैयारियों में काशी डूब गई है। घर-घर में श्रीरामनवमी के पूजन की तैयारियां जारी हैं। मंदिरों में अखंड रामायण के पाठ आज से ही आरंभ हो गए हैं। रविवार को दोपहर 12 बजते घरों व मंदिरों में सोहर की स्वरलहरियां गूंज उठेंगी तो जयकारे व आरती आरंभ हो जाएंगे। शासन के आदेशानुसार, जिला प्रशासन की पहल पर भी सभी मंदिरों में श्रीरामचरित मानस के अखंड पाठ की व्यवस्था की गई है। मानस पाठ की पूणार्हुति के बाद सायंकाल व रात्रि में अनेक स्थानों पर प्रभु श्रीराम को समर्पित सांस्कृतिक आयोजन होंगे।

राजेंद्र प्रसाद घाट पर राममय होगी रात

भगवान श्रीराम के प्राकट्योत्सव के उपलक्ष्य में राजेंद्र प्रसाद घाट पर पूरी रात ही राममय होगी। रविवार की रात्रि इस बार 33वें वर्ष होने वाले इस आयोजन में काशी के सिद्धहस्त कलाकारों के साथ युवा उदीयमान कलाकार भी अपनी सांगीतिक प्रस्तुतियों से प्रभु श्रीराम की आराधना करेंगे। कार्यक्रम संयोजक सुरेश प्रसाद पांडेय ने बताया कि राममय रात का शुभारंभ उनके पिता स्व। मुन्नू प्रसाद पांडेय ने 32 वर्ष पूर्व रखी थी, जिसमें काशी के कलाकार रातभर भगवान की स्वराधना करते हैं।