मोक्ष की नगरी में देवताओं का महापर्व

वाराणसी (रणभेरी सं.)। तीनों लोक से न्यारी काशी की धरा पर 15 को देव दीपावली की शाम इंद्रधनुषी छटा निखरेगी। गंगा का अर्धचंद्राकार किनारा दैवीय आभा से दमक उठेगा। सुरसरि के घाटों पर ओर से छोर तक दीपों का तारामंडल इठलाएगा तो पूनम का चांद भी शरमा जाएगा। गंगा घाटों पर दीपों का अद्भुत जगमग प्रकाश 'देवलोक' जैसे वातावरण की ही सृष्टि करता है। 15 की शाम होने वाले इस महा आयोजन के लिए काशी में रेला उमड़ेगा। देव दीपावली पर गंगा के घाटों की न सिर्फ छटा अलौकिक होगी बल्कि अलग-अलग स्थानों पर विविध कार्यक्रम आकर्षण के केंद्र रहेंगे। भव्य और दिव्य काशी की देव दीपावली इस बार नव्य स्वरूप में देवताओं के साथ ही काशी वासियों के लिए भी अनोखी होगी
पौराणिक मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के कुछ दिन पहले देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु 4 महीने की निद्रा के बाद जागते हैं। जिसकी खुशी में सभी देवता स्वर्ग से उतरकर बनारस के घाटों पर दीपों का उत्सव मनाते हैं। इसके अलावा मान्यता यह भी है कि भगवान शंकर ने कार्तिक पूर्णिमा के दिन त्रिपुर नाम के असुर का वध करके काशी को मुक्त कराया था। जिसके बाद देवताओं ने इसी कार्तिक पूर्णिमा के दिन अपने सेनापति कार्तिकेय के साथ भगवान शंकर की महाआरती की और इस पावन नगरी को दीप मालाओं से सजाया था। देव दीपावली को लेकर संतों विद्वानों की मान्यता के अनुसार एक तो यह कि काशी के प्रथम शासक दिवोदास ने अपने राज्य में देवी देवताओं का प्रवेश बंद कर दिया था। छिपे रूप में देवगण कार्तिक मास पंचगंगा घाट पर पवित्र गंगा में स्नान को आते रहे। बाद में देवताओं ने राजा को प्रभावित कर यह प्रतिबंध हटावा लिया। इस विजय को हर्षोल्लास से मनाने के लिए सभी देवी देवता बनारस में दीप मालाओं से सुसज्जित विजय दिवस मनाने और भगवान शिव की महाआरती के लिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन पधारे थे। तभी से देव दीपावली मनाई जाने लगी।
पहली बार लाइव होगी देव दीपावली
अर्धचंद्राकार गंगा के तट पर देव आराधना के मुख्य पर्व देव दीपावली पर 15 नवंबर को विश्वप्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती की अलौकिक छटा निहारने देश-विदेश से लोगों का हुजूम उमड़ेगा। दीपों से जगमग होते घाट पर अप्रतिम व अविस्मरणीय मां गंगा की आरती पहली बार लोग वेबसाइट पर भी देख सकेंगे और प्रधानमंत्री व काशी के सांसद नरेंद्र मोदी भी दिल्ली से इसके साक्षी बनेंगे।
15 को होगा वेबसाइट का शुभारंभ
गंगा सेवा निधि की ओर से पहली बार देव दीपावली वेबसाइट पर दिखाई जाएगी और वेबसाइट का शुभारंभ 15 नवंबर को ही होगा। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने मंगलवार को पत्रकारों को इसकी जानकारी दी। बताया कि यह पहली बार होगा जब वेबसाइट के माध्यम से देश-विदेश में बैठे लोग देव दीपावली देख सकेंगे। वेबसाइट का शुभारंभ भी उसी दिन होगा। इस साल शौर्य रजत जयंती मनाई जा रही है। गंगा आरती के दौरान ह्यएक संकल्प गंगा किनारेह्ण के तहत मां गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने, पर्यावरण व जल संरक्षण के लिए एक साथ लाखों लोगों को संकल्प दिलाया जाएगा।
39 जीटीसी के जवान लास्ट पोस्ट व गार्ड आफ आनर भी देंगे। वहीं, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारी, कमॉडिंग आरपीएफ (एनईआर), कमॉडिंग सीआईएसएफ, एयर आफिसर कमॉडिंग, 4 वायु सेना प्रवरण बोर्ड, 39 जीटीसी, वाराणसी डायेक्टर जनरल एनडीआरएफ सहित जवान अमर जवान ज्योति के समक्ष रिथ लेइंग के जरिए श्रद्धांजलि देंगे।
7 शहीदों को देंगे भगीरथ शौर्य सम्मान
देश के अमरवीर योद्धाओं की स्मृति में शहीद कर्नल एमएनराय, लेफ्टिनेंट कर्नल जेआर चिट्नीस, सुरेंद्रलाल श्रीवास्तव, विनोद कुमार यादव, रमेश यादव, रवि शर्मा, सोनू यादव को भगीरथ शौर्य सम्मान दिया जाएगा।
24 सीसीटीवी कैमरे से होगी निगरानी
भगवती मां गंगा की आरती के दौरान देश-विदेश आये लाखों श्रद्धालुओं को भारी संख्या में सुरक्षाबलों के साथ 24 सीसीटीवी से की जाएगी। हनुमान यादव व सुरजीत सिंह ने बताया कि भारत सेवाश्रम संघ के 100 स्वयंसेवक व सुरक्षा उपकरणों के साथ तैनात रहेंगे
सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम
देव दीपावली के लिए सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दूसरे जनपदों से 464 पुलिसकर्मी आएंगे। इनमें आठ एसीपी, छह इंस्पेक्टर, 70 सब इंस्पेक्टर और 380 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल शामिल हैं। इसके अलावा तीन कंपनी पीएसी और एक कंपनी पीएसी बाढ़ राहत दल के जवान भी गैर जनपद से आएंगे। गंगा घाटों की निगरानी के लिए आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के कमांडो का दल भी आएगा। देव दीपावली के मद्देनजर गंगा घाटों से लगायत शहर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींच लिया गया है। पुलिस आयुक्त के नेतृत्व में कमिश्नरेट की फोर्स चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेगी। गंगा घाटों के किनारे की सभी इमारतों की छत पर रूफटॉप फोर्स तैनात रहेगी। सीसी कैमरों के साथ ही वॉच टॉवर से निगरानी की जाएगी। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, निगरानी और सुरक्षा की ठोस कार्ययोजना बनाई गई है।
गंगा में 80 मोटरबोट के साथ तैनात रहेंगे 460 जवान
श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर रविदास घाट से नमो घाट तक गंगा को आठ सेक्टर में बांटा गया है। गंगा में 11 एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस और पीएसी बाढ़ राहत दल के 460 जवान 80 मोटरबोट के साथ तैनात रहेंगे। 11 एनडीआरएफ की वॉटर एंबुलेंस भी गंगा में चिकित्सकीय सहायता के लिए मौजूद रहेगी। इसके अलावा पुलिस के सहयोग के लिए प्रमुख गंगा घाटों पर स्थानीय गोताखोर भी मौजूद रहेंगे।
पुलिस आयुक्त ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने आगामी देव दीपावली के अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, चेकिंग-फ्रिस्किंग, श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन, लाइन व्यवस्था, और भीड़ प्रबंधन के संदर्भ में अधिकारियों को निर्देश दिए। निरीक्षण में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारीगण, जिनमें पुलिस उपायुक्त सूर्यकान्त त्रिपाठी, अपर पुलिस उपायुक्त ममता रानी चौधरी, सहायक पुलिस आयुक्त अमित श्रीवास्तव, सहायक पुलिस आयुक्त प्रज्ञा पाठक सहित अन्य कर्मी शामिल रहे।