पटाखों से घाटों तक, काशी में जश्न-ए-नववर्ष की गूंज

पटाखों से घाटों तक, काशी में जश्न-ए-नववर्ष की गूंज

वाराणसी (रणभेरी):  नए साल का स्वागत बुधवार की रात काशी में पूरे उत्साह, रंग और रौनक के साथ किया गया। शहर भर में देर रात तक पटाखों की गूंज रही। होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और क्लबों में रंगारंग कार्यक्रम आयोजित हुए, जहां गीत-संगीत की महफिल सजी और युवा जमकर थिरके। गोवा, दिल्ली, सूरत और बंगलूरू से आए डीजे के साथ बॉलीवुड नाइट का रंग खास जमा। इंडी पॉप की धुनों पर झूमते युवाओं की भीड़ देखते ही बन रही थी। उमंगों, उल्लास और नई उम्मीदों के साथ लोगों ने नववर्ष की शुरुआत की।

घाटों और गंगा पार क्षेत्रों में भी युवाओं की टोलियां देर रात तक मौज-मस्ती करती नजर आईं। रेत पर ऊंट और घोड़ों की सवारी, विभिन्न खेल और चटपटे व्यंजनों का लोगों ने जमकर आनंद लिया। सारनाथ और नमो घाट पर भी भारी भीड़ उमड़ी। शाम ढलते ही शहर के प्रमुख होटलों में जश्न की महफिलें सज गईं। बनारस क्लब में बाहर से आए डीजे की धुन पर क्लब के सदस्यों और उनके परिवारजनों ने खूब मस्ती की। कैंटोमेंट क्षेत्र सहित अन्य इलाकों के होटलों में भी गीत-संगीत के साथ लजीज व्यंजनों का दौर चलता रहा।

टूरिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि नववर्ष के अवसर पर जापान, फ्रांस, रूस, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड सहित कई देशों से बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक काशी पहुंचे हैं।

सोशल मीडिया पर छाया नववर्ष का उल्लास

नए साल को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त उत्साह दिखा। वाट्सएप, फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम के जरिए लोगों ने एक-दूसरे को बधाइयां दीं। फोन और वीडियो कॉलिंग से भी अपनों के साथ खुशियां साझा की गईं। यह सिलसिला देर रात से लेकर सुबह तक चलता रहा।

पर्यटकों की भीड़, मंदिरों में नवाया शीश

नववर्ष पर देसी-विदेशी पर्यटकों की भारी भीड़ रही। घाटों से लेकर होटलों तक पार्टियों का दौर चलता रहा। विदेशी पर्यटक अपने-अपने अंदाज में नए साल की खुशियां मनाते दिखे। वहीं देश के विभिन्न प्रांतों से काशी दर्शन को आए श्रद्धालुओं ने श्रीकाशी विश्वनाथ, बाबा कालभैरव, मां विशालाक्षी, संकटमोचन समेत प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन कर नए साल की मंगलकामनाएं कीं।

5100 दीपों से गंगा आरती में नववर्ष का स्वागत

साल के अंतिम दिन दशाश्वमेघ घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से भव्य गंगा आरती का आयोजन किया गया। 5100 दीपों से नए साल का स्वागत किया गया और देश की उन्नति की कामना की गई। दीपों की रोशनी से दशाश्वमेघ घाट पर अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। संस्था के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि गंगा आरती में एक लाख से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक शामिल हुए। नववर्ष को लेकर श्रद्धा और उत्साह का अद्वितीय संगम काशी में नजर आया।