बदलता मौसम लोगों को कर रहा बीमार 

बदलता मौसम लोगों को कर रहा बीमार 

वाराणसी (रणभेरी सं.)। मौसम के बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। खासकर छोटे बच्चे व बुजुर्ग तेजी से बीमार हो रहे हैं। उनमें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। हर दिन सरकारी व निजी अस्पताल व क्लिनिकों में मरीजों की संख्या में काफी इजाफा देखा जा रहा है। इस मौसम में बच्चों को ठंड लगने का खतरा बढ़ जाता है। वहीं बुजुर्गों में सर्दी, खांसी, बुखार, डायरिया और बदन दर्द जैसी परेशानियों हो रही है। इतना ही जरा सी लापरवाही से छोटे बच्चों में निमोनिया तक हो जा रहा है। मौसम परिवर्तन होने के कारण छोटे बच्चे या बुजुर्गों ही नहीं कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग भी इस मौसम में बीमार पड़ रहे हैं। सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गयी है। पहले जहां रोजाना 400 से 450 मरीज इलाज के लिए पहुंचते थे, वहीं पिछले कुछ दिनों से यह संख्या बढ़कर 600 के करीब पहुंच गयी है। इसमें बच्चों व बुजुगों की संख्या अधिक है। इसके अलावा निजी क्लिनिकों में भी इलाज के लिए बच्चों व बुजुर्गों की संख्या में 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। वहीं इलाज के बाद चिकित्सकों की ओर से माता-पिता को अपने बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं, ताकि बच्चों को बीमार होने से बचाया जा सके। मौसम के परिवर्तन के साथ बच्चों में सर्दी, खांसी, बुखार, श्वास संबंधी समस्यायें हो रही हैं, इसके अलावा ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें व गुनगुने पानी का सेवन करें। यदि घर में किसी को वायरल है, तो परिवार से अन्य सदस्यों से थोड़ी दूरी बनाये रखने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही परेशानी होने पर चिकित्सकों से संपर्क करने की सलाह दे रहे हैं।
सेवापुरी ब्लॉक के भाऊपुर में 2 दिन में फीवर के 20 मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। मौसम में बदलाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी में फीवर हेल्प डेस्क खोलने का निर्णय लिया है। 

इस हेल्प डेस्क पर कोई भी बुखार संबंधित जानकारी ले सकेगा और यह स्वयं लोगों को जागरूक भी करेंगे कि कैसे बुखार से बचा जाए। सीएमओ डॉ संदीप चौधरी के अनुसार, 20 से अधिक फीवर ग्रसित मरीज एक गांव में दो दिन में चिह्नित हुए थे। इसके अलावा कबीरचौरा अस्पताल, जिला चिकित्सालय, रामनगर अस्पताल, महिला चिकित्सालय और सीएचसी-पीएचसी केंद्रों पर मिलाकर रोजाना सर्दी, खांसी, बुखार, सांस फूलने के 600 मरीज आ रहे हैं। जो मौसम के परिवर्तन की वजह से हो रहा है। ऐसे में हमने हेल्प डेस्क बनाने का फैसला किया है।

बच्चों और बीमारों पर होगी विशेष नजर

मंडलीय अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि मौसम बहुत तेजी से बदल रहा है। त्योहारों के बीतने पर शहर का एक्यूआई भी खराब हुआ है। ऐसे में पांच साल से कम उम्र के बच्चों का विशेष ख्याल रखना होगा। बच्चों को इस मौसम में निमोनिया और पेट संबंधी बीमारी बहुत तेजी से होती है। मंडलीय अस्पताल की ओपीडी में रोजाना। 40 से 50 बच्चे आ रहे हैं । जो बच्चे बीमार हैं और एडमिट हैं उनकी समय समय पर जांच की जा रही है।

प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ेगी सतर्कता

सीएमओ ने बताया कि जिन भर्ती मरीजों का बुखार तीन दिन के बाद भी नहीं उतरेगा उनका पंजीकरण किया जाएगा और वो जिस इलाके से आते हैं वहां भी जाकर जांच की जाएगी। साथ ही उस इलाके में लोगों के सैंपल इकट्ठा किए जाएंगे।

यह रखें ख्याल

  • बदलते मौसम में बाहर का खाना खानें से बचें। घर पर बना शुद्ध भोजन ही खाएं।
  • गर्म या नार्मल पानी ही पिएं और एकदम ठंडा पानी पीने से बचें।
  •  सर्दी जुकाम होने पर काढ़ा पिएं।
  • हल्का सा भी फ्लू या वायरल का संकेत मिलने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
  • गर्म कपड़े पहनें।
  • आइसक्रीम, पेस्ट्री, कोल्डड्रिंक नहीं पीयें।
  • फ्रिज में रखी चीजों का सेवन नहीं करें।