कल बाबा को लगेगी महाराष्ट्र से आई हल्दी

कल बाबा को लगेगी महाराष्ट्र से आई हल्दी

वाराणसी रणभेरी। काशी में महाशिवरात्रि समारोह का बिगुल बज चुका है। इसी के साथ बाबा विश्वनाथ और माता गौरा की शादी की रस्में भी शुरू हो गई हैं। 6 मार्च को बाबा विश्वनाथ को महाराष्ट्र से लाई गई हल्दी लगाई जाएगी। 8 मार्च को महाशिवरात्रि के दिन शिव बारात उठेगी। 20 मार्च को रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ और माता गौरा का गौना कार्यक्रम संपन्न होगा। 21 मार्च को मसाने में होली खेली जाएगी। बाबा विश्वनाथ को शादी से पहले तैयार करने के लिए महाराष्ट्र के पुणे स्थित रहस्मयी मंदिर खंडोबा से खास हल्दी काशी लाई गई है। वह भी शिवजी का ही मंदिर है। वहां पर विश्व प्रसिद्ध टर्मरिक फेस्टिवल होता है। मान्यता है कि यहां पर हल्दी की होली 800 साल से खेली जा रही है। खंडोबा में साल भर में 8 बार हल्दी की होली खेली जाती है। पूरे मंदिर में इस तरह से हल्दी लगाई जाती है कि वह सोने जैसा चमक उठता है। उस दौरान पूरे परिसर और हवा का रंग भी हल्दी जैसा हो जाता है। वाराणसी के गौदोलिया में टेढ़ी नीम स्थित पूर्व महंत आवास पर बाबा विश्वनाथ को ये हल्दी लगाई जाएगी। इस हल्दी का इंतजाम अयोध्या के रामायणी पं. वैद्यनाथ पांडेय के बेटे पं. राघवेश पांडेय ने किया है। वे हल्दी लेकर काशी पहुंच चुके हैं। पं. राघवेश पांडेय ने कहा कि यह मेरा परम सौभाग्य है कि काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के विवाह के लिए मुझे हल्दी भेजने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद जो शुरुआत हुई है, इसका निर्वाह मैं आजीवन करूंगा। अगली बार से हर साल ये ही हल्दी मैं खुद लेकर काशी आऊंगा।