वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी के पांडेय घाट के सामने गंगा नदी के बीच मंगलवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब संचालन के दौरान एक नाव में अचानक आग भड़क उठी। गनीमत रही कि घटना के वक्त नाव पर कोई यात्री मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव बीच धारा में पहुंचते ही रुक गई। बताया जा रहा है कि ईंधन खत्म होने के कारण इंजन बंद हो गया था। इसी दौरान नाविक ने इंजन में दोबारा डीजल डालने का प्रयास किया। चूंकि इंजन पहले से गर्म था, ऐसे में अचानक आग की लपटें उठने लगीं।
आसपास के नाविकों ने दिखाई सूझबूझ
आग लगते ही आसपास मौजूद अन्य नाव चालकों ने तत्काल मदद शुरू कर दी। सामूहिक प्रयास से कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पा लिया गया। घटना में किसी के झुलसने या घायल होने की सूचना नहीं है।
पुलिस ने कही यह बात
डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी (एसीपी दशाश्वमेध) ने बताया कि शाम करीब 6:30 बजे पांडेय घाट के सामने एक नाव में आग लगने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ईंधन समाप्त होने के बाद तेल डालते समय आग भड़की। नाविक ने सतर्कता बरतते हुए जलते डिब्बे को तुरंत गंगा में फेंक दिया, जिससे स्थिति बिगड़ने से बच गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि या आर्थिक क्षति नहीं हुई है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
घटना के बाद घाटों पर संचालित नावों की सुरक्षा व्यवस्था और ईंधन प्रबंधन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
