वाराणसी (रणभेरी): राजधानी में हाल ही में हुई भीषण अग्निकांड की घटना के बाद वाराणसी प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने शहर के होटलों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं का व्यापक निरीक्षण शुरू कर दिया है। इसी क्रम में कैंट क्षेत्र सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित प्रमुख होटलों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य आग जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए उपलब्ध संसाधनों और सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान अधिकारियों की टीम ने होटल परिसरों का गहन निरीक्षण किया। जांच के दौरान होटल कर्मचारियों से सुरक्षा उपायों के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा यह परखा गया कि आपातकालीन परिस्थितियों में कर्मचारियों की भूमिका और तैयारी कितनी प्रभावी है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने होटलों के बेसमेंट, स्टोर रूम और अन्य संवेदनशील स्थानों का भी जायजा लिया। कई जगहों पर अनुपयोगी सामान, कूड़ा-कबाड़ और ज्वलनशील सामग्री रखी मिली, जिन्हें तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की वस्तुएं आग लगने की स्थिति में दुर्घटना की गंभीरता को कई गुना बढ़ा सकती हैं।

अभियान के तहत अग्निशमन यंत्रों, फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, आपातकालीन निकास मार्ग, हाइड्रेंट व्यवस्था तथा अन्य सुरक्षा उपकरणों की कार्यक्षमता की भी जांच की गई। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि सभी उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं या नहीं। कई प्रतिष्ठानों में उपकरण तो उपलब्ध पाए गए, लेकिन उनके रखरखाव और नियमित परीक्षण को लेकर कमियां सामने आईं।
जांच के दौरान अधिकारियों ने होटल प्रबंधन से यह भी जानकारी ली कि आग लगने जैसी आपात स्थिति में मेहमानों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए क्या व्यवस्था की गई है। साथ ही कर्मचारियों को आपदा प्रबंधन और राहत-बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया है या नहीं, इसकी भी पड़ताल की गई।
निरीक्षण में कुछ स्थानों पर सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही देखने को मिली। ऐसे प्रतिष्ठानों के प्रबंधकों को आवश्यक सुधार शीघ्र कराने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।

मीडिया से बातचीत में मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने कहा कि अग्नि सुरक्षा केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जीवन रक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी को आग बुझाने के प्राथमिक उपायों की जानकारी होना आवश्यक है। कई स्थानों पर यह पाया गया कि कुछ कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के संचालन की पर्याप्त जानकारी नहीं थी।

उन्होंने होटल संचालकों को निर्देशित किया कि सभी शिफ्टों में कार्यरत कर्मचारियों को नियमित रूप से फायर सेफ्टी प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में प्रारंभिक स्तर पर ही आग पर नियंत्रण पाया जा सके। इसके अलावा आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और अलार्म प्रणालियों का मौके पर परीक्षण भी कराया गया, जिससे उनकी कार्यक्षमता का सत्यापन किया जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी शहर के विभिन्न होटलों, मॉल, अस्पतालों और अन्य भीड़भाड़ वाले प्रतिष्ठानों में इसी प्रकार के निरीक्षण अभियान जारी रहेंगे। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी संभावित दुर्घटना से पहले सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए और जनहानि की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
