वाराणसी (रणभेरी): बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सोमवार को खराब मौसम और कम दृश्यता के चलते हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। सुबह विजिबिलिटी कम होने के कारण विमानों को रनवे पर उतरने की अनुमति नहीं मिल सकी। इस दौरान कई विमान आसमान में चक्कर काटते रहे। स्थिति गंभीर होने पर एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान समेत तीन विमानों को डायवर्ट करना पड़ा, जबकि मुंबई की एक उड़ान निरस्त कर दी गई। इसके अलावा 14 उड़ानें पांच घंटे तक की देरी से संचालित हुईं।
सबसे अधिक परेशानी काठमांडू से वाराणसी आ रही बुद्धा एयर की अंतरराष्ट्रीय उड़ान के यात्रियों को उठानी पड़ी। विमान ने वाराणसी एयरपोर्ट के ऊपर 20 से अधिक चक्कर लगाए, लेकिन कम दृश्यता के कारण उसे लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली। काफी देर तक इंतजार के बाद विमान को वापस काठमांडू लौटना पड़ा।
तीन उड़ानें दूसरे एयरपोर्ट भेजीं, मुंबई की फ्लाइट निरस्त
खराब मौसम के चलते इंडिगो की बंगलूरू-वाराणसी-बंगलूरू और नई दिल्ली-वाराणसी-दिल्ली उड़ानों को लखनऊ एयरपोर्ट डायवर्ट कर दिया गया। वहीं, काठमांडू से आ रही बुद्धा एयर की उड़ान को वापस काठमांडू भेज दिया गया। इस तरह तीन उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा।
इसके अलावा स्पाइसजेट की मुंबई-वाराणसी-मुंबई उड़ान को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया। अचानक हुए बदलाव से यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बदलनी पड़ी।
पुणे की उड़ान 5 घंटे 10 मिनट विलंब से पहुंची
कम दृश्यता का असर एयरपोर्ट से संचालित होने वाली अन्य उड़ानों पर भी पड़ा। स्पाइसजेट की पुणे की उड़ान सबसे अधिक 5 घंटे 10 मिनट की देरी से संचालित हुई। वहीं, इंडिगो की लखनऊ-वाराणसी उड़ान 3 घंटे 1 मिनट और एयर इंडिया की दिल्ली-वाराणसी उड़ान 1 घंटे 44 मिनट विलंब से रवाना हुई।
एयर इंडिया एक्सप्रेस की वाराणसी-शारजाह उड़ान भी 51 मिनट की देरी से संचालित हुई। इसके अलावा दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, खजुराहो और हैदराबाद की उड़ानें 15 से 54 मिनट तक विलंबित रहीं।
वेटिंग हॉल में घंटों करना पड़ा इंतजार
उड़ानों के डायवर्ट होने और देरी से संचालन के कारण यात्रियों को एयरपोर्ट के वेटिंग हॉल में घंटों इंतजार करना पड़ा। सुबह से ही यात्रियों की भीड़ लगी रही। खासकर दिल्ली और मुंबई से आने-जाने वाले यात्रियों को अधिक परेशानी हुई। कई यात्रियों की आगे की यात्रा प्रभावित हुई और उन्हें अपनी निर्धारित योजनाओं में बदलाव करना पड़ा।
