वाराणसी (रणभेरी): दीपावली से पूर्व खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच और सैंपलिंग के नाम पर छोटे व्यापारियों को कथित रूप से परेशान किए जाने के विरोध में समाजवादी व्यापार सभा ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष आलोक प्रकाश गुप्ता और महानगर अध्यक्ष काशी नाथ गुप्ता के संयुक्त नेतृत्व में जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपकर व्यापारियों का उत्पीड़न तत्काल बंद कराने की मांग की।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सहमति से समाजवादी व्यापार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष जगन अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल के निर्देश पर प्रदेशव्यापी ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस मौके पर मुख्य अतिथि प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने कहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकना और आम जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार एवं प्रशासन की जिम्मेदारी है। समाजवादी व्यापार सभा भी मिलावटखोरी के खिलाफ कठोर और नियमानुसार कार्रवाई का समर्थन करती है, लेकिन खाद्य सुरक्षा कानून की आड़ में ईमानदारी से कारोबार करने वाले छोटे व्यापारियों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि दीपावली के त्योहार पर हलवाई, मिठाई विक्रेता, परचून दुकानदार और फुटकर व्यापारी बड़ी मेहनत से अपना कारोबार करते हैं। ऐसे समय में जांच और सैंपलिंग के नाम पर उन्हें भयभीत करना तथा अनावश्यक दबाव बनाना उनके रोजगार और आजीविका को प्रभावित करता है।

जिलाध्यक्ष आलोक प्रकाश गुप्ता ने कहा कि त्योहार के समय छोटे व्यापारियों को राहत देने के बजाय जांच के नाम पर परेशान करना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि जांच और सैंपलिंग निर्धारित कानूनी प्रक्रिया एवं पूरी पारदर्शिता के साथ हो। किसी भी व्यापारी को बेवजह परेशान न किया जाए।
ज्ञापन में अवैध वसूली, धमकी और उत्पीड़न की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की भी मांग की गई।
समाजवादी व्यापार सभा ने चेतावनी दी कि यदि ज्ञापन के बाद भी खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने छोटे दुकानदारों को जांच के नाम पर परेशान करना बंद नहीं किया तो संगठन जिला एवं महानगर इकाइयों के माध्यम से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर हल्ला बोल आंदोलन करने को बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी।
इस दौरान जिला महासचिव प्रदीप मोदनवाल, महानगर महासचिव सोहन लाल चौरसिया, प्रदेश सचिव एवं मंडल प्रभारी राजकुमार यादव, महानगर संगठन प्रभारी संजीव जायसवाल, प्रदेश सचिव रवि मोहम्मद अफजल सिद्दीकी, चरन दास गुप्ता, एडवोकेट सुमित जायसवाल, गोपाल चौरसिया, धीरज कुमार गुप्ता, संतोष गुप्ता, अभिनव त्रिपाठी, किशन प्रजापति, विकास प्रजापति, सुरेश गुप्ता, प्रभात मौर्य, त्रिलोकी गुप्ता, मुकेश गुप्ता, चंद्रसेन प्रजापति, मोहम्मद इलियास, मनीष सेठ, विजय जायसवाल, हनुमान यादव, राम अवध यादव, एडवोकेट अभिषेक राय, आशीष यादव, पंकज यादव सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
