रोहित तिवारी बोले- UGC पर डिप्टी सीएम अपनी राय स्पष्ट करें, सत्ता का दबाव नहीं सहेंगे; अंकित पांडेय ने भी कार्रवाई की मांग उठाई
(रणभेरी): परेड ग्राउंड में रविवार को आयोजित प्रबुद्ध ब्राह्मण सम्मेलन में UGC के मुद्दे पर सवाल उठाने के दौरान हंगामा हो गया। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सामने UGC को लेकर सवाल करने वाले रोहित तिवारी को भाजपा पार्षद विनय मिश्रा द्वारा थप्पड़ मारने का आरोप लगाया गया है। घटना का वीडियो सोमवार को सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
घटना के बाद रोहित तिवारी और अंकित पांडेय ने विरोध जताते हुए कहा कि सवर्ण समाज के मुद्दों पर सवाल उठाना उनका अधिकार है। वे सत्ता के दबाव में आने वाले नहीं हैं और समाज के हितों के लिए उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
कोरांव निवासी और पेशे से वकील रोहित तिवारी ने कहा कि UGC के आने के बाद से ही वे इसका विरोध कर रहे हैं। सम्मेलन में केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। ऐसे में उनसे UGC पर उनकी राय जानना जरूरी था। रोहित ने कहा कि डिप्टी सीएम को स्पष्ट करना चाहिए कि वे UGC के पक्ष में हैं या विरोध में।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में भाजपा सरकार के कार्यों और सत्ता में रहने की अवधि पर बात हो रही थी, लेकिन सवर्ण समाज के हितों और UGC जैसे मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हो रही थी। इसी वजह से उन्हें अपनी बात रखनी पड़ी। रोहित के मुताबिक, यदि किसी दूसरे मंत्री के सामने भी समाज के हितों से जुड़ा सवाल होता तो वे यही रुख अपनाते।

ब्राह्मणों का कार्यक्रम था, इसलिए नहीं किया बहिष्कार
रोहित तिवारी ने कहा कि वे चाहते तो कार्यक्रम का बहिष्कार कर सकते थे, लेकिन यह ब्राह्मण समाज का सम्मेलन था, इसलिए वे इसमें शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल उठाने पर उनके साथ मारपीट की गई। रोहित ने कहा कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत अपमान नहीं, बल्कि पूरे समाज का अपमान है।
अंकित बोले- मुख्य अतिथि बने थे तो समाज के मुद्दों पर भी बोलते
कोरांव निवासी अंकित पांडेय ने कहा कि वे समाजसेवा से जुड़े हैं और आम जनता के साथ गलत व्यवहार होने पर उसके खिलाफ आवाज उठाते हैं। सम्मेलन में केशव प्रसाद मौर्य को मुख्य अतिथि बनाया गया था, इसलिए उनसे सवर्ण समाज के हितों पर भी बोलने की अपेक्षा थी।
अंकित के मुताबिक, काफी देर तक समाज से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई तो उन्होंने और रोहित तिवारी ने डिप्टी सीएम से UGC पर उनका रुख स्पष्ट करने को कहा। आरोप है कि जवाब मिलने से पहले ही प्रशासन और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया।
अंकित ने भाजपा पार्षद विनय मिश्रा पर रोहित तिवारी को थप्पड़ मारने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केशव मौर्य ने UGC पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और उन्हें चुप रहने तथा बैठने के लिए कहा गया। इसके बाद पुलिस दोनों युवकों को सभास्थल से बाहर ले जाने लगी।
40 प्रतिशत लोग कोरांव विधानसभा क्षेत्र से पहुंचे थे
अंकित ने बताया कि वे अपनी पूरी टीम के साथ सम्मेलन में पहुंचे थे। टीम में करीब 40 प्रतिशत लोग कोरांव विधानसभा क्षेत्र के थे, जबकि बाकी 60 प्रतिशत लोग अन्य क्षेत्रों से आए थे। उन्होंने कहा कि सवाल पूछने पर जिस तरह का व्यवहार किया गया, उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रोहित के साथ मौजूद संकटमोचन त्रिपाठी ने भी घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि रोहित पर उठने वाला हाथ सिर्फ उनका व्यक्तिगत अपमान नहीं, बल्कि अंकित पांडेय, संकटमोचन त्रिपाठी और पूरे सवर्ण समाज का अपमान है। उन्होंने इस लड़ाई को निर्णायक स्तर तक ले जाने की बात कही।
सवाल पूछते ही शुरू हुआ हंगामा
रविवार को परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय परशुराम सेना (ब्रह्म वाहिनी) की ओर से प्रबुद्ध ब्राह्मण सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसमें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। संबोधन के दौरान रोहित तिवारी और अंकित पांडेय ने हाथ उठाकर उनसे UGC पर अपनी राय स्पष्ट करने की मांग की।
दोनों ने पूछा कि केशव मौर्य UGC के पक्ष में हैं या विरोध में। इस पर डिप्टी सीएम ने उन्हें चुप रहने और बैठने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि वे अपनी बात रखेंगे और बोलने से कभी नहीं रुकते। इसके बाद कार्यक्रम में हंगामा शुरू हो गया। पुलिस दोनों युवकों को सभास्थल से बाहर ले जाने लगी। इसी दौरान रोहित तिवारी को भाजपा पार्षद विनय मिश्रा द्वारा थप्पड़ मारे जाने का आरोप है। घटना का वीडियो सोमवार को सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई।
