वाराणसी में एयर शो से पहले पकड़ा गया फर्जी कैप्टन, नमोघाट के प्रतिबंधित हेलिपैड क्षेत्र में घूम रहा था युवक

वाराणसी में एयर शो से पहले पकड़ा गया फर्जी कैप्टन, नमोघाट के प्रतिबंधित हेलिपैड क्षेत्र में घूम रहा था युवक

सेना में तैनाती की पुष्टि नहीं होने पर पुलिस के हवाले किया गया, आईबी और खुफिया एजेंसियों ने कई घंटे की पूछताछ

वाराणसी (रणभेरी): वायुसेना के एयर शो से एक दिन पहले शनिवार को नमोघाट स्थित हेलिपैड के प्रतिबंधित क्षेत्र में खुद को सेना का कैप्टन बताकर घूम रहे एक युवक को सुरक्षा में तैनात जवानों ने पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान युवक के दावों पर संदेह होने के बाद सेना के रिकॉर्ड की जांच कराई गई, लेकिन कैप्टन के पद पर उसकी तैनाती की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। युवक की पहचान अर्पित चतुर्वेदी के रूप में हुई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आईबी, स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) और वायुसेना की खुफिया इकाइयों ने उससे कई घंटे तक पूछताछ की। पुलिस ने उसके खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की है।

संदिग्ध गतिविधियों से जवानों को हुआ शक

रविवार को प्रस्तावित वायुसेना के एयर शो के मद्देनजर नमोघाट समेत आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसी दौरान शनिवार को एक युवक हेलिपैड के प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंच गया। ड्यूटी पर तैनात जवानों ने उसकी गतिविधियां संदिग्ध देखकर पूछताछ की। युवक ने खुद को सेना का कैप्टन बताया, लेकिन उसके जवाबों और हाव-भाव से जवानों का संदेह बढ़ गया। इसके बाद उच्चाधिकारियों और स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी), स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) और वायुसेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे। युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

सेना के रिकॉर्ड में नहीं मिला तैनाती का प्रमाण

मामले की गंभीरता को देखते हुए युवक को पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी के कार्यालय ले जाया गया। यहां विभिन्न खुफिया एजेंसियों और वायुसेना के अधिकारियों ने उससे कई घंटे तक पूछताछ की। शुरुआती पूछताछ में उसने अपना नाम कैप्टन अर्पित बताया। उसने अपना पता कैंट थाना क्षेत्र के जदीद बाजार में पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के पास का बताया।

हालांकि, सेना के रिकॉर्ड और उसके बताए पते की जांच के दौरान कैप्टन के पद पर तैनाती का कोई प्रमाण नहीं मिला। जांच में उसकी पहचान अर्पित चतुर्वेदी के रूप में हुई। अधिकारियों के अनुसार, वह मूल रूप से वाराणसी के नदेसर इलाके का निवासी है।

पिता चलाते हैं पैथोलॉजी सेंटर, मंशा की जांच

डीसीपी काशी के मुताबिक, अर्पित के पिता शहर में पैथोलॉजी सेंटर चलाते हैं। युवक ने खुद को सेना का अधिकारी क्यों बताया और वह प्रतिबंधित हेलिपैड क्षेत्र तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां भी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।

नमोघाट पुलिस चौकी प्रभारी चंदन कुमार की तहरीर पर अर्पित चतुर्वेदी के खिलाफ आदमपुर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने उसके खिलाफ चालान की कार्रवाई भी की है। एयर शो से पहले प्रतिबंधित क्षेत्र में युवक के पहुंचने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था और उसकी मंशा को लेकर जांच जारी है।

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