वाराणसी (रणभेरी): गंगा के जलस्तर में पिछले तीन दिनों से जारी तेज बढ़ोतरी बुधवार को थम गई। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, राजघाट पर नदी का जलस्तर 68.36 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु से करीब दो मीटर नीचे है, लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर घाटों और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
जानकारी के मुताबिक, बीते दो दिनों में गंगा का जलस्तर करीब पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से बढ़ रहा था। मंगलवार को बढ़ोतरी की रफ्तार घटकर लगभग तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे रह गई। इसके बाद बुधवार को जलस्तर में विशेष बदलाव दर्ज नहीं किया गया।
इससे पहले अगस्त के अंतिम दिनों और सितंबर की शुरुआत में भी गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई थी। उस दौरान नदी का पानी चेतावनी स्तर के ऊपर पहुंच गया था और शहर के कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए थे।
हालिया वृद्धि को देखते हुए वाराणसी जिला प्रशासन सतर्क है। घाटों पर लगातार निगरानी की जा रही है। एनडीआरएफ, जल पुलिस और प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जलस्तर में दोबारा बढ़ोतरी होने की स्थिति में निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाएगी। वाराणसी में गंगा का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर, जबकि खतरे का स्तर 71.26 मीटर निर्धारित है। फिलहाल नदी का जलस्तर इन दोनों स्तरों से नीचे है।
