- पुलिस का घेरा तोड़ पहुंचे अजीत सिंह, तिरंगा लेकर बोले- रोड नहीं तो टोल नहीं
- पेट्रोल की बोतल व लाइटर मिलने पर पुलिस ने तीनों को हिरासत में लिया
- रात से ही छावनी बना टोल प्लाजा, रोडवेज बस से दो साथियों संग पहुंचे किसान नेता
वाराणसी (रणभेरी): चोलापुर के ढेरही स्थित टोल प्लाजा हटाने की मांग को लेकर बुधवार को प्रस्तावित किसानों के धरने ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। प्रदर्शन की घोषणा के बाद मंगलवार रात से ही पूरे इलाके में सुरक्षा का घेरा कस दिया गया। चोलापुर से लेकर जौनपुर सीमा तक पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए। धरना स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोकी गई। कई लोगों को पुलिस ने रात से ही नजरबंद कर दिया, जबकि जौनपुर की ओर से आने वालों को जनपद सीमा पर रोक दिया गया।

प्रशासन की सख्ती के बावजूद बुधवार दोपहर करीब एक बजे पूर्वांचल किसान संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह दो साथियों के साथ रोडवेज बस से टोल प्लाजा पहुंच गए। तीनों हाथों में तिरंगा लेकर ‘रोड नहीं तो टोल नहीं’ का नारा लगाते हुए धरना स्थल की ओर बढ़े। अजीत सिंह के अचानक टोल प्लाजा पहुंचते ही वहां तैनात पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई। देखते ही देखते आसपास के ग्रामीण भी मौके पर जुटने लगे।
पुलिस के अनुसार, अजीत सिंह के पास मौजूद बोतल में पेट्रोल था। पुलिस और पीएसी के जवानों ने बोतल कब्जे में लेने के साथ उनके हाथ से लाइटर भी ले लिया। इसके बाद मौके पर गहमागहमी बढ़ गई। ग्रामीणों की भीड़ बढ़ने पर कई थानों की पुलिस और पीएसी को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करते हुए अजीत सिंह समेत तीन लोगों को हिरासत में ले लिया और वज्र वाहन से थाने ले गई।
रात से ही प्रशासन रहा मुस्तैद प्रस्तावित धरने को देखते हुए प्रशासन मंगलवार रात से ही सक्रिय था। अधिकारियों ने टोल प्लाजा और आसपास के इलाकों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। चोलापुर क्षेत्र के अलावा जौनपुर जनपद की सीमा पर भी पुलिस बल लगाया गया। धरना स्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर पुलिस की तैनाती कर किसानों और समर्थकों को रोकने की व्यवस्था की गई थी। बुधवार सुबह से ही टोल प्लाजा भारी पुलिस बल की मौजूदगी में रहा। प्रशासन ने इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू होने का हवाला देते हुए प्रदर्शन रोकने की कार्रवाई की। आंदोलन में शामिल होने के लिए पहुंच रहे लोगों को पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर रोककर हिरासत में लिया।

तीन प्रमुख मांगों पर अड़े किसान
किसानों की पहली मांग टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों को टोल शुल्क से राहत देने की है। दूसरी मांग ढेरही टोल प्लाजा को हटाने की है। किसानों का कहना है कि टोल प्लाजा जौनपुर में होना था, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इसे ढेरही में संचालित किया जा रहा है। तीसरी प्रमुख मांग दानगंज क्षेत्र में करीब 17 किलोमीटर अधूरी सड़क का निर्माण पूरा कराने की है। किसानों का आरोप है कि सड़क का निर्माण पूरा नहीं होने के बावजूद टोल वसूली की जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर किसान लंबे समय से विरोध जता रहे हैं।
50 प्रतिशत छूट का प्रस्ताव
वरुणा जोन के डीसीपी राजेश पांडेय ने बताया कि प्रशासन की ओर से एनएचएआई से किसानों के मासिक पास पर 50 प्रतिशत छूट दिलाई गई है। अन्य मांगों को लेकर बातचीत जारी है। इससे पहले मंगलवार को किसानों और अधिकारियों के बीच बैठक भी हुई थी, लेकिन किसी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी।
आंदोलन को भाजपा समेत विभिन्न राजनीतिक दलों का समर्थन मिलने की बात कही गई है। स्थानीय व्यापारियों ने भी दानगंज, धरसौना और चोलापुर बाजार बंद रखने का निर्णय लिया था। बुधवार को संभावित भीड़ और प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त फोर्स तैनात की। टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और किसानों को धरना स्थल तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय रही।
किसान नेताओं को पुलिस ने किया हाउस अरेस्ट
चंदवक क्षेत्र के ढेरही टोल प्लाजा हटाने की मांग को लेकर बुधवार को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले पुलिस ने किसान नेताओं और आंदोलन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी। बजरंगनगर व्यापार मंडल के महामंत्री विकास सिंह आशु को लेवरुआ स्थित उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किया गया। हटवा निवासी अरविंद पांडेय को भी पुलिस ने घर में नजरबंद किया है। वहीं रामदेवपुर निवासी भानु खरवार व राम भरत गुप्ता, घोरदौड़ निवासी सूर्यनाथ सिंह, पड़सौरी निवासी राज बहादुर और बलुवा निवासी बंशराज के घर पुलिस तैनात की गई, हालांकि वे नहीं मिले।

वाराणसी जिले में जंसा के हरसोस निवासी पूर्वांचल किसान यूनियन अध्यक्ष योगीराज सिंह पटेल, कचनार निवासी यूनियन के पूर्व मुख्य उपाध्यक्ष एडवोकेट राजकुमार गुप्ता, नागेपुर निवासी लोक समिति संयोजक नंदलाल मास्टर, प्रधान संघ अध्यक्ष मुकेश पटेल, हरपुर ग्राम प्रधान शिवकुमार राजभर, मेहदीगंज निवासी गणेश शर्मा, मनरेगा मजदूर यूनियन संयोजक सुरेश राठौर और मुस्तफा को भी हाउस अरेस्ट किया गया। पुलिस संगठन से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में दबिश दे रही है। कार्रवाई से किसान नेताओं में रोष है। राजकुमार गुप्ता ने कहा कि किसानों के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। योगीराज सिंह पटेल ने चेताया कि मांगें नहीं मानी गईं तो किसान फिर सड़क पर उतरेंगे।
