बीएचयू मौसम कार्यालय ने जारी किया अलर्ट, घाटों पर सुबह से ही सन्नाटा; मंदिरों में भगवान के लिए भी किए गए विशेष इंतजाम
वाराणसी (रणभेरी): काशी नगरी इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। सुबह सात बजे के बाद ही तेज धूप और तपती हवाओं ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि सुबह के समय ही तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है, जिससे गंगा घाटों पर सुबह 9 बजे तक सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है।
बीएचयू स्थित मौसम कार्यालय द्वारा सोमवार को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 25 अप्रैल को अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। 26 अप्रैल को भी इसी स्तर पर गर्मी बने रहने की संभावना जताई गई है। इससे पहले वर्ष 2019 में 30 अप्रैल को 45.3 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, जो पिछले डेढ़ दशक में अप्रैल माह का सर्वाधिक रिकॉर्ड माना जाता है।

मंदिरों में भी गर्मी से बचाव के इंतजाम
भीषण गर्मी का असर अब धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई देने लगा है। लोहटिया स्थित राम जानकी मंदिर में भगवान के लिए कूलर की व्यवस्था की गई है। मंदिर के पुजारी देवेंद्र नाथ चौबे ने बताया कि इस बार गर्मी ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिससे भगवान के विग्रह को भी सूती वस्त्र पहनाए जा रहे हैं और प्रसाद में मौसमी फल अर्पित किए जा रहे हैं।
काशी विश्वनाथ में जलधारी से अभिषेक
उधर, काशी विश्वनाथ मंदिर में भी गर्मी को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। गर्भगृह में जलधारी (फव्वारा) के माध्यम से निरंतर गंगा जल से बाबा विश्वनाथ का अभिषेक किया जा रहा है।

मंदिर के अर्चक श्रीकांत के अनुसार, अक्षय तृतीया से लेकर सावन पूर्णिमा तक यह जलधारी लगाई जाती है। उन्होंने बताया कि भोग आरती के बाद दोपहर में पूरे समय जलधारी के माध्यम से जलाभिषेक किया जाता है। यह व्यवस्था भक्तों की आस्था और परंपरा का प्रतीक है, जिसके माध्यम से बदलते मौसम में भी भगवान के प्रति भक्ति भाव व्यक्त किया जाता है। भीषण गर्मी के बीच काशी में जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं मौसम विभाग की चेतावनी ने आने वाले दिनों को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
