वाराणसी (रणभेरी): वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर एक विदेशी नागरिक के अंतिम संस्कार का भावुक दृश्य देखने को मिला, जहाँ कनाडा निवासी तारस तनासोव (55) का हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार दाह संस्कार किया गया। इस दौरान उनकी पत्नी एलन ने दूर देश कनाडा से वीडियो कॉल के माध्यम से पूरी अंतिम यात्रा देखी और नम आंखों से पति को विदा किया।
जानकारी के अनुसार, 12 अप्रैल को स्थानीय लोगों ने मणिकर्णिका घाट पर एक विदेशी नागरिक को अत्यंत दयनीय स्थिति में पड़ा पाया था। इसकी सूचना समाजसेवी अमन कबीर को दी गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल कबीरचौरा अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 15 अप्रैल की सुबह उनकी मृत्यु हो गई। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, तारस लंबे समय से मधुमेह (शुगर) से पीड़ित थे। उनकी हालत पहले से ही गंभीर बनी हुई थी।

मृतक के पास से दो पासपोर्ट बरामद हुए एक कनाडा का और दूसरा मोल्दोवा गणराज्य का। मामले की जांच के बाद विदेशी पुलिस संपर्क इकाई (LIU) ने कनाडा और मोल्दोवा दोनों दूतावासों से संपर्क किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि तारस मूल रूप से मोल्दोवा के नागरिक थे, जबकि उनकी पत्नी कनाडा की निवासी हैं।
बताया गया कि तारस पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के चलते करीब सात महीने पहले भारत आए थे और काशी में मोक्ष की तलाश में रहने लगे थे। उन्होंने कुछ समय तक किराए के कमरे में रहने के बाद घाट किनारे जीवन व्यतीत करना शुरू कर दिया था।

मृत्यु के बाद कानूनी औपचारिकताओं में देरी हुई, लेकिन अंततः कनाडा दूतावास की अनुमति और परिजनों की सहमति के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। समाजसेवी अमन कबीर और उनकी टीम ने हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी निभाई। मंगलवार शाम शव यात्रा कबीरचौरा अस्पताल से शुरू होकर मणिकर्णिका घाट पहुंची। घाट पर मौजूद विदेशी नागरिकों ने भी दिवंगत को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पत्नी एलन पूरी प्रक्रिया के दौरान वीडियो कॉल के माध्यम से जुड़ी रहीं और अंतिम क्षणों को देखकर भावुक हो उठीं। घाट पर मौजूद लोगों ने इस दृश्य को मानवीय संवेदनाओं से भरा और अत्यंत मार्मिक बताया।
