भीषण गर्मी से तपा बनारस: 45 डिग्री पहुंचा पारा, लू के थपेड़ों ने बढ़ाई मुश्किलें, 25 मई तक स्कूल बंद

भीषण गर्मी से तपा बनारस: 45 डिग्री पहुंचा पारा, लू के थपेड़ों ने बढ़ाई मुश्किलें, 25 मई तक स्कूल बंद

वाराणसी (रणभेरी): धर्मनगरी काशी इस समय भीषण गर्मी और प्रचंड लू की चपेट में है। सोमवार को शहर ने इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया। सूरज की तपिश ऐसी रही कि सुबह से ही सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। दोपहर होते-होते गर्म हवाओं ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग 4 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली लू ने हालात और गंभीर कर दिए। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक शहर की सड़कें मानो आग उगलती रहीं। गंगा घाटों पर भी गर्मी का असर साफ दिखाई दिया और तेज धूप के कारण दोपहर में नाव संचालन लगभग बंद रहा। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले।

प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शामिल हुआ बनारस

लगातार बढ़ते तापमान के कारण वाराणसी प्रदेश के सबसे गर्म जिलों में शामिल हो गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते एक दशक में यह पांचवीं बार है जब मई महीने में तापमान 45 डिग्री के आसपास पहुंचा है। देश के सबसे गर्म शहरों की सूची में भी काशी का नाम शामिल रहा।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले चार से पांच दिन और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। 19 मई से 21 मई तक भीषण हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को मोबाइल संदेशों के माध्यम से भी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।

मौसम वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती हवाओं की स्थिति बनी हुई है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो गया है, जिससे गर्म हवाओं का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सप्ताह लू की तीव्रता और बढ़ सकती है।

बाबा विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम

भीषण गर्मी के बावजूद श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ कम नहीं हुई। दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। गर्म फर्श से श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए मंदिर प्रशासन ने दर्शन मार्ग पर जूट की मैट बिछाई। इसके अलावा जगह-जगह फुहारे वाले पंखे लगाए गए ताकि भक्तों को कुछ राहत मिल सके।

मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर पानी का छिड़काव भी कराया गया। श्रद्धालुओं को धूप और गर्म हवाओं से बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।

हीट वेव के चलते स्कूल बंद

जिले में बढ़ती गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिले के सभी बोर्डों के इंटरमीडिएट तक के विद्यालय 19 मई से 25 मई तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इसमें परिषदीय विद्यालयों के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा और संस्कृत बोर्ड के स्कूल भी शामिल हैं।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि इस दौरान किसी भी प्रकार की अतिरिक्त कक्षाएं, सांस्कृतिक गतिविधियां या शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। छात्रों की उपस्थिति पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

आदेश न मानने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विद्यालय आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों से भी अपील की गई है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने दें।

स्वास्थ्य विभाग की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। अधिक से अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर ढंकने की हिदायत दी गई है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

काशी में बढ़ती गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल राहत मिलने के आसार कम हैं और आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है।

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