- लू के थपेड़ों से कराह उठा बनारस, दोपहर में सुनसान हुई सड़कें
- घाट और बाजार, घरों में कैद हुए लोग, हीट वेव का येलो अलर्ट जारी, 22 तक राहत के आसार नहीं
- इंसानों के साथ पशु-पक्षी भी बेहाल, जल स्रोतों के आसपास दिखी बेचैनी
वाराणसी (रणभेरी): काशी इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। झुलसा देने वाली धूप और लू के थपेड़ों ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। रविवार को दोपहर होते-होते तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। आसमान से बरसती आग और सड़कों से उठती तपिश ने लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर दिया। आमजन के साथ पशु-पक्षियों की हालत भी बेहाल नजर आई। शहर के गंगा घाट, सड़कें, पार्क और बाजार दोपहर के समय लगभग सुनसान दिखाई दिए।
सुबह से ही सूरज के तेवर तीखे थे, लेकिन दोपहर तक गर्मी ने विकराल रूप धारण कर लिया। हमेशा चहल-पहल से भरे रहने वाले गंगा घाटों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। जरूरी काम होने पर ही लोग घरों से बाहर निकले और बाहर निकलने वालों को तेज धूप व गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा। राहगीर सिर ढंककर और चेहरे को कपड़ों से ढककर खुद को गर्मी से बचाने की कोशिश करते दिखे।
गर्मी का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं रहा। पशु-पक्षी भी परेशान दिखाई दिए। शहर के कई इलाकों में पक्षी पानी की तलाश में भटकते नजर आए, जबकि आवारा पशु पेड़ों की छांव और जल स्रोतों के आसपास शरण लेते दिखे। बढ़ते तापमान के कारण दोपहर के समय शहर की गतिविधियों पर भी असर साफ नजर आया।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले कुछ दिनों से पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ने के कारण तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने जिले में हीट वेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक 22 मई तक लू का प्रकोप जारी रह सकता है और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की आशंका है।
मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। चिकित्सकों ने भी अधिक पानी पीने, धूप में निकलते समय सिर ढकने और शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी है। फिलहाल मौसम के तेवर देखकर यही लग रहा है कि आने वाले कुछ दिन बनारसवासियों की और परीक्षा लेने वाले हैं।
जरूरी होने पर पानी पीकर ही घर से निकलें
गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घरों से बाहर न निकलने की अपील की गई है। जरूरी होने पर ही बाहर निकलने और सिर को ढककर रखने की सलाह दी गई है। चिकित्सकों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, ओआरएस और तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है जिससे शरीर में पानी की कमी न हो। डॉक्टरों के अनुसार तेज गर्मी और लू से डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, कमजोरी और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। अस्पतालों में गर्मी से संबंधित मरीजों की संख्या में भी वृद्धि होने लगी है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

हीट वेव से निबटने को स्वास्थ्य विभाग को किया आगाह
- डीएम ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
- सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज की समुचित व्यवस्था का दिया निर्देश
पारा लगातार बढ़ने पर प्रशासन ने लोगों को अपने स्वास्थ्य की विशेष देखभाल के दिशा- निर्देश जारी किया है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भीषण गर्मी और हीट सावधानियों को लेकर एडवाइजरी वेव चलने पर बरती जाने वाली जारी की है। जिलाधिकारी ने सभी सरकारी अस्पतालों में हीट वेव की चपेट में आने वाले लोगों के समुचित इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने अस्पतालों में हीट वेव व गर्मी से होने वाली बीमारियों के उपचार के लिए बेड रिजर्व करने तथा अस्पताल आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए अच्छी व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। उन्होंने नगर निगम को शहर में जगह जगह प्याऊ लगवाने और जल कल को पेयजल की आपूर्ति में कोई बाधा न होने देने का निर्देश दिया है।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने भीषण गर्मी को देखते हुए जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अफसरों को आगाह किया है। उन्होंने सभी सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हीट वेव, डिहाईड्रेशन समेत अन्य मौसमी बीमारियों से ग्रसित लोगों के उपचार की समुचित व्यवस्था व दवाओं का प्रबंध करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों को डिहाईड्रेशन से बचने के उपाय की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शरीर में पानी, नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। शराब की लत, हृदय रोग, पुरानी बीमारी, मोटापा, पार्किंसस रोग, अधिक उम्र, अनियंत्रित मधुमेह वाले
व्यक्तियों को लू से विशेष बचाव करने की जरूरत है। इसके अलावा डॉययूरेटिक, एंटीस्टिमिनक, मानसिक रोग की औषधि का उपयोग करने वाले व्यक्ति भी लू से सवाधान रहें।

हीट वेव से बचने को ये करें उपाय
- जितना हो सके घर के अंदर रहें।
- अपने घर को ठंडा रखें। पर्दे, शटर का उपयोग कर सीधी धूप से बचे।
- निचली मंजिलों पर रहने का प्रयास करें।
- पंखे का प्रयोग करें, कपड़ों को नम करें और ठंडे पानी में स्नान करें।
- यदि आप बेहोश या कमजोरी महसूस करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाए।
- अधिक गर्मी व लू के कारण हीट इग्जर्शन व हीट स्ट्रोक हो सकता है।
हीट स्ट्रोक पर यह करें उपाय
- मरीज को तुरंत नजदीक के स्वास्थ्य केन्द्र में ले जाएं
- कपड़ों को ढीला करें
- तुरन्त पंखे के नीचे तथा छायादार ठण्डे स्थान पर ले जायें
- अगर मरीज कुछ पीने के अवस्था में हो तो पानी पिलायें
- ओआरएस का घोल पिलायें
- निंबू का पानी नमक के साथ पिलायें
- मांसपेशियों पर दबाव डाले और हल्की मालिश करें
पशुओं को भी लू से बचाएं
- जहां तक संभव हो, तेज गर्मी के दौरान उन्हें घर के भीतर रखें।
- उन्हें किसी छायादार स्थान में रखें, जहां वे आराम कर सकें। ध्यान रखें कि जहां उन्हें रखा गया हो वहां दिनभर छाया रहें।
- जानवरों को किसी बंद में न रखें, क्योंकि गर्म मौसम में इन्हें जल्दी गर्मी लगने लगती है।
- जानवर साफ हों, उन्हें ताजा पीने का पानी दें, पानी को धूप में न रखें। दिन के समय उनके पानी में बर्फ के टुकड़े डालें।
- पीने के पानी के दो बाउल रखें जिससे एक में पानी खत्म होने पर दूसरे से वे पानी पी सकें।
- अपने पालतू जानवर का खाना धूप में न रखें।
- किसी भी स्थिति में जानवर को वाहन में न छोड़े।
