(रणभेरी): प्रयागराज के पॉश इलाके सिविल लाइंस में सोमवार दोपहर एक चार मंजिला होटल में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में होटल की ऊपरी मंजिलों से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। घटना के समय होटल में कई लोग मौजूद थे, जिन्हें दमकल और पुलिस टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी की जान नहीं गई।
ट्रांसफार्मर में धमाके के बाद फैली आग
प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार होटल के पास लगे बिजली के ट्रांसफार्मर में अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके के बाद उसमें आग लग गई और चिंगारियां होटल की ओर जा पहुंचीं। बताया जा रहा है कि होटल के बाहरी हिस्से में लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आग तेजी से फैल गई। तेज हवाओं ने भी आग को और भड़काने का काम किया।
देखते ही देखते आग ने होटल के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।
दमकल की कई गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए बड़े क्षमता वाले फायर टेंडर और हाइड्रोलिक मशीन भी मंगाई गई। दमकल कर्मियों ने ऊपरी मंजिलों तक पहुंचकर पानी की तेज बौछारें छोड़ीं और अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू और राहत अभियान के बाद आग पर काबू पाया जा सका। मौके पर फायर विभाग के दर्जनों कर्मचारी लगातार राहत कार्य में जुटे रहे। एहतियात के तौर पर एंबुलेंस भी तैनात की गई थीं ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
होटल में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला गया
घटना के समय होटल में कई मेहमान और कर्मचारी मौजूद थे। आग लगते ही होटल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ लोग कमरों से निकलकर सीढ़ियों की ओर भागे, जबकि कई लोग ऊपर की मंजिलों में फंस गए थे। दमकलकर्मियों ने हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
होटल में ठहरे एक यात्री ने बताया कि पहले जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। नीचे जाकर देखा तो ट्रांसफार्मर धधक रहा था। कुछ ही मिनटों में आग होटल तक पहुंच गई। इसके बाद सभी लोगों को शोर मचाकर बाहर निकलने के लिए कहा गया।
आसपास की दुकानों और इमारतों में भी दहशत
होटल के आसपास मौजूद दुकानदारों ने बताया कि धमाका इतना तेज था कि लोग घबराकर सड़कों पर निकल आए। एक स्थानीय दुकानदार के मुताबिक आग की लपटें तेजी से बढ़ रही थीं और पास की इमारतों तक गर्मी महसूस हो रही थी। एहतियात के तौर पर आसपास की दुकानों को भी खाली कराया गया। बताया जा रहा है कि पास की एक इमारत तक आग की चिंगारियां पहुंची थीं, हालांकि समय रहते उसे बुझा लिया गया।
आग बुझाने के दौरान अधिकारी घायल
राहत कार्य के दौरान फायर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का हाथ झुलस गया। मौके पर मौजूद मेडिकल टीम ने तुरंत उनका प्राथमिक उपचार किया। इसके बावजूद अधिकारी लगातार अभियान की निगरानी करते रहे।
होटल का बड़ा हिस्सा जलकर खाक
आग की वजह से होटल के कई कमरे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। होटल परिसर में खड़ी दो बाइकें भी जल गईं। शुरुआती अनुमान के अनुसार संपत्ति का काफी नुकसान हुआ है। होटल में करीब 20 से 25 कमरे बताए जा रहे हैं।
सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि होटल में अग्निशमन से जुड़े पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। कुछ लोगों का कहना है कि मौजूद उपकरणों को चलाने के लिए स्टाफ ठीक तरह से प्रशिक्षित नहीं था।
इसके अलावा बेसमेंट में नियमों के विपरीत गतिविधियां संचालित किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। प्रशासन अब होटल की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रहा है।
पुलिस और प्रशासन की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में आग की वजह ट्रांसफार्मर में हुई तकनीकी खराबी मानी जा रही है। हालांकि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि यदि सुरक्षा मानकों में लापरवाही पाई गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
