वाराणसी (रणभेरी): स्थायी लोक अदालत, वाराणसी स्थाई लोक अदालत ने दो अलग-अलग मामलों में बीमा कंपनियों के खिलाफ अहम फैसला सुनाते हुए उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान की है।
पहले मामले में सुसुवाही निवासी डॉ. मनोज कुमार सिंह ने अपने पिता का 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा कराया था, जो नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से संबंधित था। उन्होंने अपने पिता का इलाज हेरिटेज अस्पताल, करौंदी में कराया, जिसमें कुल 3,30,266 रुपये का खर्च आया। दावा प्रस्तुत करने के बावजूद बीमा कंपनी द्वारा भुगतान नहीं किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने बीमा कंपनी को पूरी राशि 3,30,266 रुपये अदा करने का आदेश दिया, साथ ही मानसिक प्रताड़ना एवं उत्पीड़न के लिए 20,000 रुपये का अतिरिक्त मुआवजा भी याची को देने का निर्देश दिया।
दूसरे मामले में रवि महोत्रा ने अपने वाहन का बीमा बजाज एलियांज जेनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया था। दुर्घटना के बाद कंपनी ने उनका क्लेम निरस्त कर दिया। पीड़ित ने स्थायी लोक अदालत में परिवाद दाखिल किया। अदालत ने कंपनी को दोषी मानते हुए 2,64,031 रुपये की राशि 8 प्रतिशत साधारण ब्याज सहित अदा करने का आदेश पारित किया। दोनों मामलों में अदालत ने स्पष्ट किया कि बीमा कंपनियां अनुचित रूप से क्लेम निरस्त नहीं कर सकतीं और उपभोक्ता अधिकारों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला बीमा धारकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
